सुशासन तिहार में सियासी तकरार! अधिकारियों से उलझे नगर पालिका अध्यक्ष, कलेक्टर से शिकायत की तैयारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के सुशासन तिहार अभियान के तहत रायपुर जिले के मंदिर हसौद में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर उस समय विवादों में आ गया, जब नगर पालिका अध्यक्ष गोपाल चतुर्वेदी और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच मंच पर ही तीखी बहस हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद मामला राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।

जनता की समस्याओं को लेकर मंच पर उठे सवाल

जानकारी के अनुसार, सोमवार को आयोजित सुशासन तिहार शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याओं और विभिन्न योजनाओं से जुड़े आवेदनों के साथ पहुंचे थे। इसी दौरान नगर पालिका अध्यक्ष गोपाल चतुर्वेदी ने मंच से व्यवस्थाओं और लोगों की लंबित समस्याओं को लेकर सवाल उठाए।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया। आरोप है कि अधिकारियों ने प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए अध्यक्ष को मंच से नीचे उतरने के लिए कहा, जिसके बाद माहौल गरमा गया और दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।

“जनता की आवाज उठाई तो हटाने की कोशिश हुई” : गोपाल चतुर्वेदी

नगर पालिका अध्यक्ष गोपाल चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि शिविर में मौजूद लोगों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा था। उन्होंने कहा कि वे केवल जनता की आवाज प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे थे।

चतुर्वेदी ने कहा कि जब उन्होंने मंच से लोगों की समस्याओं का मुद्दा उठाया तो उन्हें हटाने का प्रयास किया गया। उन्होंने इसे जनता का अपमान बताते हुए पूरे मामले की शिकायत जिला कलेक्टर से करने की बात कही है।

वीडियो वायरल, राजनीतिक चर्चाएं तेज

घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। वीडियो में नगर पालिका अध्यक्ष अधिकारियों से बहस करते दिखाई दे रहे हैं, जबकि उनके समर्थक नारेबाजी करते नजर आ रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सुशासन तिहार का उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का समाधान करना है, लेकिन मंच पर हुए विवाद ने कार्यक्रम की सकारात्मक पहल को प्रभावित किया है।

शिविर में पहुंचे सैकड़ों ग्रामीण, 381 आवेदन प्राप्त

सुशासन तिहार 2026 के तहत आयोजित इस शिविर में सैकड़ों ग्रामीणों ने विभिन्न समस्याओं और दस्तावेज संबंधी मामलों के लिए आवेदन जमा किए। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार शिविर में कुल 381 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 78 मामलों का मौके पर ही निराकरण किया गया।

प्रमुख रूप से राशन कार्ड, आधार कार्ड, श्रम कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पेंशन और अन्य जनसेवा संबंधी आवेदन प्राप्त हुए।

हितग्राहियों को मिला योजनाओं का लाभ

शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा कई हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया गया।

  • महिला एवं बाल विकास विभाग ने 14 हितग्राहियों को लाभान्वित किया।
  • कृषि विभाग ने 3 किसानों को खाद एवं बीज वितरित किए।
  • परिवहन विभाग ने 3 लोगों को लर्निंग लाइसेंस जारी किए।
  • समाज कल्याण विभाग ने 22 पेंशन प्रकरणों का निराकरण किया।
  • खाद्य विभाग ने 50 राशन कार्ड और 3 उज्ज्वला कनेक्शन वितरित किए।
  • स्वास्थ्य विभाग ने 5 आयुष्मान कार्ड बनाए।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 12 हितग्राहियों को आवास की चाबियां सौंपी गईं।

कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

कार्यक्रम में एडीएम उमाशंकर बंदे, एसडीएम अभिलाषा पैकरा, मुख्य नगर पालिका अधिकारी पूजा पिल्ले सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। हालांकि मंच पर हुए विवाद ने पूरे आयोजन की चर्चा को नई दिशा दे दी है।

अब सभी की नजर इस बात पर है कि नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा शिकायत किए जाने के बाद जिला प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कदम उठाता है।

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