रायगढ़ में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 1.77 करोड़ की ठगी, 14 निवेशकों से ऐंठी बड़ी रकम


रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में शेयर ट्रेडिंग और डीमैट अकाउंट खुलवाने का झांसा देकर 1 करोड़ 77 लाख 10 हजार रुपए की कथित ठगी का मामला सामने आया है। मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) समेत 14 लोगों ने आकर्षक रिटर्न के लालच में बड़ी रकम निवेश की थी। पीड़ितों की शिकायत पर कोतवाली थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
2022 में हुई थी आरोपी से पहचान
पुलिस के अनुसार दरोगापारा निवासी संजय मिश्रा (42), जो पेशे से मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव हैं, ने शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में बताया गया है कि वर्ष 2022 में उनकी मुलाकात पश्चिम बंगाल निवासी विश्वजीत देवनाथ से हुई थी। आरोपी ने खुद को एलईडी बल्ब निर्माण और शेयर मार्केट ट्रेडिंग व्यवसाय से जुड़ा बताते हुए निवेश का प्रस्ताव दिया था।
हर महीने 6 फीसदी रिटर्न का दिया लालच
आरोप है कि विश्वजीत देवनाथ ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि उनके नाम पर डीमैट अकाउंट खोलकर शेयर बाजार में निवेश किया जाएगा। इसके बदले हर महीने 6 प्रतिशत ब्याज और मूलधन का 10 प्रतिशत हिस्सा लौटाने का वादा किया गया। आकर्षक रिटर्न के कारण कई लोग उसकी योजना में निवेश करने के लिए तैयार हो गए।
लोन लेकर जमा किए 12 लाख रुपए
संजय मिश्रा ने आरोपी की बातों पर भरोसा करते हुए आईसीआईसीआई बैंक से 12 लाख रुपए का ऋण लिया और आरोपी द्वारा बताए गए जीटीजी प्रोडक्ट सर्विस के बैंक खाते में राशि जमा कर दी। शुरुआती चार से पांच महीनों तक उन्हें नियमित भुगतान भी मिलता रहा, जिससे उनका भरोसा और बढ़ गया।
परिचितों को भी जोड़ा, बढ़ता गया निवेश
बाद में आरोपी ने निवेश से मिलने वाली राशि को दोबारा निवेश करने की सलाह दी। इसके बाद संजय मिश्रा ने अपने परिचितों और सहयोगियों को भी इस योजना के बारे में बताया। धीरे-धीरे कई लोग इस निवेश योजना से जुड़ गए और बड़ी रकम जमा कर दी।
14 निवेशकों से जुटाए गए 1.77 करोड़ रुपए
शिकायत के मुताबिक संजय मिश्रा सहित विकास साहू, राकेश कुमार मनहर, रितेश साव, देव कश्यप, सुनील पाणिग्राही, शिशुपाल, कृष्णा पांडेय, कृष्णा द्विवेदी, राकेश सरकार, लोचन पटेल, मनील गुप्ता, श्रीमंत मिश्रा और अजय वर्मा ने मिलकर कुल 1 करोड़ 77 लाख 10 हजार रुपए निवेश किए थे।
डीमैट अकाउंट नहीं खुलने पर हुआ संदेह
निवेशकों को बाद में पता चला कि शेयर ट्रेडिंग के लिए डीमैट अकाउंट जरूरी होता है। आरोपी ने सभी का डीमैट अकाउंट खुलवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन लंबे समय तक कोई दस्तावेज या अकाउंट संबंधी जानकारी नहीं दी गई। इसके बाद निवेशकों को ठगी का शक हुआ और उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
पुलिस ने शुरू की जांच
मामले की शिकायत मिलने के बाद कोतवाली थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस बैंक खातों, लेन-देन के रिकॉर्ड और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। साथ ही आरोपी की भूमिका और पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
इस घटना ने एक बार फिर बिना सत्यापन के निवेश योजनाओं में पैसा लगाने के खतरे को उजागर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी निवेश योजना में धन लगाने से पहले कंपनी की वैधता, डीमैट अकाउंट की स्थिति, सेबी पंजीकरण और अन्य दस्तावेजों की पूरी जांच-पड़ताल करना जरूरी है।
प्रमुख बातें
- शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 1.77 करोड़ रुपए की कथित ठगी
- मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव समेत 14 लोग बने शिकार
- हर महीने 6 प्रतिशत रिटर्न का दिया गया था लालच
- आरोपी ने डीमैट अकाउंट खुलवाने का किया था दावा
- शुरुआती भुगतान के बाद बंद हुआ रिटर्न
- कोतवाली थाना पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
- बैंक खातों और दस्तावेजों की जांच जारी



