छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक संदेश: महिला अफसरों को मिली ताकतवर जिम्मेदारी, निहारिका बारिक बनीं पहली महिला गृह सचिव


निहारिका बारिक को प्रदेश की पहली महिला गृह सचिव बनाकर राज्य सरकार ने बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक संदेश दिया है। हाल ही में किए गए बड़े प्रशासनिक फेरबदल में सरकार ने कई अहम विभागों की कमान महिला अधिकारियों को सौंपते हुए यह संकेत देने की कोशिश की है कि प्रदेश में सिर्फ महिला आरक्षण की बात नहीं, बल्कि महिलाओं को निर्णय लेने वाली भूमिकाओं में भी आगे बढ़ाया जा रहा है।
राज्य सरकार द्वारा जारी तबादला सूची में कुल 42 आईएएस और एक आईएफएस अधिकारी के प्रभार बदले गए हैं। इस बदलाव में सबसे अधिक चर्चा महिला अधिकारियों को दिए गए प्रभावशाली विभागों की हो रही है। माना जा रहा है कि सरकार ने यह कदम प्रशासनिक कार्यों में तेजी और बेहतर परिणाम लाने के उद्देश्य से उठाया है।
पहली बार महिला अधिकारी के हाथों में गृह विभाग
प्रदेश गठन के बाद यह पहला मौका है जब किसी महिला आईएएस अधिकारी को गृह विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। निहारिका बारिक को प्रमुख सचिव गृह बनाया गया है। इससे पहले यह विभाग एसीएस मनोज पिंगुआ संभाल रहे थे। करीब तीन वर्षों तक गृह विभाग की जिम्मेदारी निभाने के बाद अब उन्हें वन विभाग की कमान दी गई है।
वहीं ऋचा शर्मा को वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग से हटाकर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का सचिव बनाया गया है।
बसव राजू को बड़ा झटका
तबादला सूची में सबसे बड़ा झटका बसव राजू को माना जा रहा है। भाजपा सरकार बनने के बाद वे मुख्यमंत्री सचिवालय में अहम भूमिका निभा रहे थे और सचिव टू सीएम की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। लेकिन अब उन्हें वहां से हटाकर तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार जैसे अपेक्षाकृत कम महत्व वाले विभाग सौंपे गए हैं।
डिप्टी सीएम के विभागों में महिला अधिकारियों की एंट्री
सरकार ने दोनों उपमुख्यमंत्रियों के विभागों में भी तेज-तर्रार महिला अधिकारियों को जिम्मेदारी देकर स्पष्ट संदेश दिया है।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव के नगरीय प्रशासन विभाग में शंगीता आर को सचिव बनाया गया है। वहीं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में ऋचा शर्मा को जिम्मेदारी दी गई है।
इसके अलावा गृह विभाग, जो विजय शर्मा के पास है, उसकी कमान भी अब निहारिका बारिक को सौंप दी गई है।
सड़कों की बदहाल स्थिति सुधारने मुकेश बंसल पर भरोसा
प्रदेश में खराब सड़कों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री कई बार अधिकारियों को निर्देश भी दे चुके हैं। अब सरकार ने लोक निर्माण विभाग में तेज-तर्रार अधिकारी मुकेश बंसल को सचिव बनाकर सड़क व्यवस्था सुधारने की जिम्मेदारी सौंपी है।
कलेक्टर पोस्टिंग में भी दिखी ‘नारी शक्ति’
कलेक्टरों की नई पदस्थापना में भी महिला अधिकारियों को प्रमुखता दी गई है। इनमें रेना जमील को सूरजपुर, पुष्पा साहू को कोरिया, संतनदेवी जांगड़े को मनेंद्रगढ़ और पदमिनी भोई को सारंगढ़ जिले की जिम्मेदारी दी गई है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सरकार अब ऐसे अधिकारियों को आगे ला रही है जिनसे तेज फैसले और जमीन पर बेहतर परिणाम की उम्मीद की जा रही है।



