नियमितीकरण सहित विभिन्न मांग हेतु “एक हस्ताक्षर मुख्यमंत्री के नाम” अभियान

लगभग 12500 अनियमित कर्मचारियों ने लिया हिस्सा

रायपुर | नियमितीकरण सहित विभिन्न मांगों के लिए 10 से 30 अप्रैल तक “एक हस्ताक्षर मुख्यमंत्री के नाम” अभियान चलाया गया| इस अभियान से लगभग 12500 अनियमित कर्मचारियों ने लिया हिस्सा लिया और अपना अनुरोध माननीय मुख्यमंत्री को प्रेषित किया| गोपाल प्रसाद साहू प्रदेश अध्यक्ष में कहा की छत्तीसगढ़ प्रगतिशील अनियमित कर्मचारी फेडरेशन माननीय मुख्यमंत्री जी से मिलने हेतु मुख्यमंत्री कार्यालय को अनुरोध पत्र प्रेषित किया है| मुलाकात होने पर समस्त ज्ञापन सौंपा जाएगा।

युगल किशोर साहू ने बताया कि प्रदेश के अनियमित कर्मचारी आगामी समयों में अपनी क्रमबद्ध आन्दोलन को जारी रखते हुए सुशासन तिहार कार्यक्रम में, सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बातों को सरकार के समक्ष रखेगा एवं सहयोगी अनियमित कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक शीघ्र आयोजित कर आगामी कार्यक्रमों पर शीघ्र फैसला लिया जाएगा।

प्रेम प्रकाश गजेन्द्र कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा कि साय सरकार की सवा दो साल में छत्तीसगढ़ प्रदेश के शासकीय कार्यालयों में कार्यरत अनियमित कर्मचारियों जैसे-आउटसोर्सिंग (प्लेसमेंट), सेवा प्रदाता, ठेका, समूह/समिति के माध्यम से नियोजन, जॉबदर, संविदा, दैनिक वेतनभोगी, कलेक्टर दर, श्रमायुक्त दर पर कार्यरत श्रमिक, मानदेय, अशंकालिक के लिए किसी प्रकार किसी प्रकार की घोषणा नहीं होने से निराश एवं आहात है| जबकि ये कर्मचारी प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा रहा है|

सरकार इन सवा 2 वर्षों में अनियमित कर्मचारियों के लिए कुछ नहीं किया| वादा के विपरीत अनियमित कर्मचारियों की छटनी की जा रही है, अनेक विभागों में वेतन लंबित है, संविदा वेतन अनुसार वेतन नहीं दिया जा रहा है, न्यूनतम वेतन में विगत 8 वर्षों से वृद्धि नहीं की गई है, संविदा वेतन में ढाई साल कोई बढ़ोत्तरी नहीं| अनेक विभाग में श्रम सम्मान राशी नहीं दी जा रही है|

आशीष तनेजा संयुक्त सचिव ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी जब विपक्ष में थे तो उनके अनेक वरिष्ठ नेता/जनप्रतिनिधियों ने हमारे मंच में आकर हमारी समस्याओं को सुना एवं अनियमित कर्मचारियों की समस्याओं को भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने पर इनका यथाशीघ्र निराकरण करने की बात कही थी तथा छत्तीसगढ़ के लिए मोदी की गारंटी 2023 पत्र के “वचनबद्ध सुशासन” अंतर्गत बिंदु क्र. 2 में एक कमिटी गठित कर कमेटी में अनियमित कर्मचारियों को सम्मिलित करते हुए समीक्षात्मक प्रक्रिया प्रारंभ करने का उल्लेख किया है| लेकिन कमेटी द्वारा नियमितीकरण पर किसी प्रकार की पहल नहीं की गई है|

समस्त अनियमित कर्मचारी/सहयोगी अनियमित संघों से अपील है कि सुशासन तिहार के माध्यम से अपनी समस्याओं को माननीय मुख्यमंत्री के समक्ष अवश्य रखें|

प्रमुख मांग :

  1. अनियमित कर्मचारियों का नियमितीकरण/स्थायीकरण किया जावे
  2. कार्य से पृथक कर्मचारियों को बहाल किया जावे
  3. अत्यंत कम वेतन पाने वाले कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन दिया जावे
  4. अंशकालीन कर्मचारियों को पूर्णकालीन किया जावे
  5. आउट सोर्सिंग/ठेका/सेवा प्रदाता/समूह/समिति के माध्यम से नियोजन बंद किया जावे

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