Donald Trump की ‘Naughty and Nice’ लिस्ट पर बवाल, NATO सहयोगियों में बढ़ी तकरार


अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के प्रशासन से जुड़ी एक कथित ‘Naughty and Nice’ सूची को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह सूची NATO सहयोगी देशों को उनके रक्षा सहयोग और Iran से जुड़े संभावित सैन्य परिदृश्यों में समर्थन के आधार पर वर्गीकृत करती है।
क्या है ‘Naughty and Nice’ सूची?
सूत्रों के अनुसार, इस सूची में उन देशों को “Nice” श्रेणी में रखा गया है जो अमेरिका की सैन्य रणनीतियों, विशेष रूप से मध्य पूर्व में, खुलकर समर्थन देने को तैयार हैं। वहीं “Naughty” सूची में वे देश शामिल बताए जा रहे हैं जो या तो तटस्थ रुख अपनाते हैं या अमेरिकी नीतियों से असहमति रखते हैं।
क्यों बढ़ा विवाद?
यूरोपीय देशों के कई राजनयिकों ने इस वर्गीकरण पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इस तरह की सूची गठबंधन की एकता को कमजोर करती है और NATO जैसे बहुपक्षीय मंच को “वफादारी परीक्षण” में बदल देती है। आलोचकों का यह भी मानना है कि इससे सदस्य देशों पर अनावश्यक दबाव बनता है कि वे अमेरिकी विदेश नीति के अनुरूप ही निर्णय लें।
ईरान फैक्टर
विशेषज्ञों का कहना है कि यह सूची खासतौर पर Iran से जुड़े संभावित संघर्ष पर केंद्रित है। अमेरिका लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर चिंतित रहा है। ऐसे में यह वर्गीकरण इस बात का संकेत देता है कि किन देशों से सैन्य या कूटनीतिक समर्थन की उम्मीद की जा रही है।
ट्रंप प्रशासन की प्रतिक्रिया
हालांकि Donald Trump या उनके करीबी अधिकारियों की ओर से इस सूची की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन ट्रंप के कार्यकाल के दौरान “America First” नीति के तहत सहयोगियों पर दबाव बनाने के कई उदाहरण सामने आए थे—जैसे रक्षा खर्च बढ़ाने की मांग।
आगे क्या?
विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह सूची आधिकारिक रूप से अस्तित्व में है, तो इससे ट्रांस-अटलांटिक संबंधों में तनाव बढ़ सकता है। खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक सुरक्षा चुनौतियाँ बढ़ रही हैं, सहयोगियों के बीच भरोसे की कमी गंभीर परिणाम ला सकती है।



