ट्रंप ने ईरान के साथ युद्धविराम की अवधि बढ़ायी, शहबाज शरीफ ने अमेरिका का आभार जताया


वाशिंगटन/इस्लामाबाद | 22 अप्रैल (भाषा) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मध्यस्थ देश पाकिस्तान के अनुरोध पर ईरान के साथ युद्धविराम को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया है।
ट्रंप ने कहा कि यह कदम तेहरान के आंतरिक मतभेदों से जूझ रहे नेतृत्व को सात सप्ताह से जारी युद्ध समाप्त करने के लिए एक प्रस्ताव तैयार करने का समय देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
यह घोषणा तब की गई है, जब आठ अप्रैल को घोषित दो सप्ताह का युद्धविराम कुछ ही घंटों में समाप्त होने वाला था। इसके साथ ही उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व वाले अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की इस्लामाबाद यात्रा भी प्रभावी रूप से टल गई, जहां ईरानी प्रतिनिधियों के साथ शांति वार्ता प्रस्तावित थी।
हालांकि, ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका ईरान पर अपने हमले को तब तक रोकेगा, जब तक उसके नेता और प्रतिनिधि समेकित प्रस्ताव तैयार नहीं कर लेते।
उन्होंने कहा कि ईरान के बंदरगाहों पर आर्थिक नाकेबंदी जारी रहेगी।
वेंस और अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ तथा जेरेड कुशनर को मंगलवार को इस्लामाबाद रवाना होना था, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल की ‘‘पाकिस्तान यात्रा मंगलवार को नहीं होगी।’’
ट्रंप ने मंगलवार को एक बयान में कहा, ‘‘इस तथ्य के आधार पर कि ईरान की सरकार गंभीर रूप से आंतरिक मतभेदों से जूझ रही है और पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर तथा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के अनुरोध पर हमसे कहा गया है कि हम ईरान पर अपने हमले को तब तक रोकें, जब तक उसके नेता और प्रतिनिधि समेकित प्रस्ताव तैयार नहीं कर लेते।’’
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने ‘‘इसलिए अपनी सेना को नाकेबंदी जारी रखने तथा अन्य सभी मामलों में पूरी तरह तैयार और सक्षम रहने का निर्देश दिया है और युद्धविराम को तब तक बढ़ाया जाएगा, जब तक उनका प्रस्ताव पेश नहीं हो जाता और बातचीत किसी न किसी नतीजे पर नहीं पहुंच जाती।’’
अमेरिका की आलोचना करते हुए ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी ‘‘युद्ध की कार्रवाई है और युद्धविराम का उल्लंघन है।’’



