प्रदेश कर्मचारी एवं पेंशनरों के डीए एरियर्स की मांग को लेकर एक मांग एक मंच की बैठक, 86 माह के एरियर्स की पूर्ण मांग की जोरदार शुरुआत

रायपुर | प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों द्वारा 2017 से 2026 तक के कुल 86 माह के डीए एरियर्स की मांग को लेकर राजधानी रायपुर में एक मांग एक मंच के प्रांतीय कोर कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्घाटन संरक्षक डॉ. डी पी मनहर के मुख्य आतिथ्य और चंद्रिका सिंह की अध्यक्षता में हुआ। बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए और चार प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।

बैठक में प्रमुख प्रस्ताव पारित:

  1. डीए एरियर्स के लिए मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री से मुलाकात: बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि 86 माह के डीए एरियर्स के मुद्दे को लेकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री से मुलाकात की जाएगी।
  2. उच्च न्यायालय में याचिका दायर न करने का निर्णय: एक मांग एक मंच द्वारा यह भी तय किया गया कि डीए एरियर्स को लेकर शासन के खिलाफ उच्च न्यायालय बिलासपुर में कोई याचिका दायर नहीं की जाएगी।
  3. प्रांतीय सम्मेलन का आयोजन: दो माह के भीतर एक प्रांतीय सम्मेलन मुख्यमंत्री के आतिथ्य में आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रदेश भर से कर्मचारियों और पेंशनरों की बड़ी संख्या भाग लेगी।
  4. जिला स्तर पर विस्तार: आगामी दो माह में एक मांग एक मंच को जिला स्तर पर विस्तार देने का निर्णय लिया गया, जिससे अधिक से अधिक कर्मचारी और पेंशनर इस अभियान से जुड़ सकें।

पेंशनरों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा की मांग:

इसके अलावा, बैठक में शासकीय कर्मचारियों के साथ-साथ पेंशनरों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान करने की मांग की गई, जिसे एक मांग एक मंच अपने मंच के माध्यम से शासन से प्राप्त करने का प्रयास करेगा।

बैठक में उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी:

इस महत्वपूर्ण बैठक में एक मांग एक मंच के प्रांतीय संरक्षक अनिल शुक्ला, ओ पी शर्मा, गोपाल साहू, और अन्य कई पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे। बैठक में 52 पदाधिकारी और सदस्य पूरे प्रदेश से शामिल हुए।

कार्यक्रम का संचालन:
कार्यक्रम का संचालन प्रांतीय प्रवक्ता विद्या भूषण दुबे ने किया। इस बैठक में सभी पदाधिकारियों ने डीए एरियर्स की मांग को लेकर प्रदेश भर में हस्ताक्षर अभियान और अन्य गतिविधियों को तेज करने पर जोर दिया।

संक्षेप में, यह बैठक प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों की महत्वपूर्ण मांगों को लेकर एक नई दिशा में कदम बढ़ाने का शुभारंभ थी, और इस मुद्दे पर आगामी दिनों में और अधिक दबाव बनाने के लिए कई ठोस कदम उठाए जाएंगे।

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