चैत्र नवरात्रि 2026 में दुर्गा अष्टमी का व्रत कब रखा जाएगा? जानिए सही तिथि और पूजा विधि
25 या 26 मार्च: जानिए उदय तिथि के आधार पर दुर्गा अष्टमी का शुभ दिन, महागौरी पूजा विधि, कन्या पूजन मुहूर्त, हवन और आरती की पूरी जानकारी


22 मार्च 2026 | चैत्र नवरात्रि 2026 में दुर्गा अष्टमी का व्रत 25 या 26 मार्च को रखा जाएगा, यह निर्भर करेगा उदय तिथि पर। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस वर्ष दुर्गा अष्टमी का व्रत और पूजा का सबसे शुभ दिन 25 मार्च को रहेगा, क्योंकि उसी दिन अष्टमी तिथि का उदय होगा।
दुर्गा अष्टमी पूजा विधि:
- स्नान और शुद्धता: सबसे पहले सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और शुद्ध मन से पूजा के लिए तैयार हों।
- कलश स्थापना: घर में या मंदिर में कलश स्थापित करें और देवी दुर्गा की पूजा के लिए दीप जलाएं।
- महागौरी पूजा: महागौरी देवी की विशेष पूजा करें, उनके आशीर्वाद से शांति और समृद्धि प्राप्त होती है। महागौरी पूजा के दौरान विशेष रूप से दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
- हवन और आरती: हवन करना बहुत ही शुभ माना जाता है। घर में हवन सामग्री से हवन करें और देवी दुर्गा की आरती गाएं।
कन्या पूजन मुहूर्त:
चैत्र नवरात्रि के अंतिम दिन, यानी दुर्गा अष्टमी के दिन कन्या पूजन का विशेष महत्व है। इस दिन 9 कन्याओं का पूजन करके उन्हें भोजन, वस्त्र, और उपहार देना चाहिए। इस वर्ष कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त 26 मार्च को रहेगा, जब अष्टमी तिथि पूरी तरह से प्रभावी होगी।
व्रत और पूजा के फायदे:
- आध्यात्मिक उन्नति: दुर्गा अष्टमी का व्रत करने से व्यक्ति की मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति होती है।
- धन और समृद्धि: इस दिन देवी दुर्गा की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और धन की वर्षा होती है।
- शक्ति की प्राप्ति: देवी दुर्गा की विशेष पूजा करने से बल और मानसिक शक्ति में वृद्धि होती है, साथ ही बुरी शक्तियों से बचाव होता है।
इस प्रकार, चैत्र नवरात्रि के दौरान दुर्गा अष्टमी का व्रत और पूजा एक महत्वपूर्ण दिन है, जो विशेष रूप से कल्याणकारी होता है।



