चैत्र नवरात्रि 2026 के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा विधि और शक्तिशाली मंत्रों का जाप


नई दिल्ली: चैत्र नवरात्रि 2026 के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन श्रद्धालु विशेष रूप से मां चंद्रघंटा की पूजा करते हैं, जो अपने भक्तों को भय, कष्ट से मुक्त करती हैं और साहस, शांति व बुद्धि की प्राप्ति कराती हैं।
मां चंद्रघंटा का स्वरूप बहुत ही अद्भुत और शक्तिशाली होता है। वह चंद्रमा के आकार की घंटी (चंद्रघंटा) को धारण किए होती हैं, जिससे उनका नाम चंद्रघंटा पड़ा। उनकी तीव्र शांति और धैर्य के प्रतीक के रूप में उनका स्वरूप पूजा करने वाले भक्तों को हर तरह के मानसिक और भौतिक संकटों से उबारता है।
मां चंद्रघंटा का स्वरूप और पूजा
मां चंद्रघंटा की पूजा के दौरान कुशासन पर बैठी, सुनहरी रंग की मां को श्रद्धा और आस्था से पूजा जाता है। उनके माथे पर चंद्रमा का घंटा सजा होता है, जो उनका पहचान चिन्ह है। वे चार हाथों में धनुष-बाण, त्रिशूल, जलपात्र और कमल का फूल धारण करती हैं।
पूजा विधि:
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स्नान के बाद शुद्ध होकर सुबह जल्दी मां का स्मरण करें और पवित्र स्थान पर स्थापित मां चंद्रघंटा की प्रतिमा के सामने दीपक और धूप लगाएं।
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सप्तशती के पाठ के साथ मां के विशेष मंत्रों का जाप करें।
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चावल, फल, फूल और मिठाई अर्पित करें और पानी में सफेद रंग डालकर उसे चंद्रमा को अर्पित करने का संकल्प लें।
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सचेत रहकर पूजा करें और अपनी इच्छाओं के बारे में मां से आशीर्वाद प्राप्त करें।
शक्तिशाली मंत्र:
“ॐ चंद्रघंटायै नमः”
इस मंत्र का जाप करके भक्त मां चंद्रघंटा से साहस, शक्ति, शांति और बुद्धि की प्राप्ति की प्रार्थना करते हैं। यह मंत्र किसी भी प्रकार के मानसिक तनाव और भय को समाप्त करने में मदद करता है। इसके अलावा, विशेष रूप से ‘सप्तशती’ का पाठ भी मां की कृपा पाने के लिए किया जाता है।
मां चंद्रघंटा के प्रभाव:
मां चंद्रघंटा की पूजा से जहां एक ओर मानसिक शांति मिलती है, वहीं दूसरी ओर व्यक्ति की बुद्धि तेज होती है और साहस में वृद्धि होती है। मां के आशीर्वाद से सभी प्रकार के दुराचार, कष्ट, भय और विपत्तियों से छुटकारा मिलता है। इसके साथ ही यह दिन शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर होता है, जो जीवन के हर पहलू में सफलता दिलाता है।
सम्पूर्ण विवरण
चैत्र नवरात्रि 2026 के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा विधि बेहद सरल और प्रभावशाली है। मां चंद्रघंटा का स्वरूप, उनके शक्तिशाली मंत्रों का जाप और सही पूजा विधि से भक्तों को साहस, शांति और बुद्धि की प्राप्ति होती है। इस दिन मां की पूजा से सभी भय और कष्ट दूर हो जाते हैं, और जीवन में सकारात्मकता का प्रवेश होता है।



