पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी: मिडिल ईस्ट संकट और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर


नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में गहराते युद्ध के संकट और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि का असर अब भारतीय उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ने लगा है। पेट्रोलियम कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल और इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है, जो 20 मार्च 2026 की रात से प्रभावी हो गई हैं।
पेट्रोल 2 रुपये और डीजल में 22 रुपये की बढ़ोतरी
पेट्रोलियम कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल (जैसे BPCL का ‘स्पीड’, HPCL का ‘पावर’ और IOCL का ‘XP95’) की कीमतों में 2.09 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा किया है। वहीं, इंडस्ट्रियल डीजल के दाम में 22 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी की गई है। यह बढ़ोतरी आम जनता के लिए एक बड़ा झटका साबित हो रही है। हालांकि, राहत की बात यह है कि सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों को फिलहाल स्थिर रखा गया है।
प्रीमियम पेट्रोल की नई कीमतें
हाल के बदलाव के बाद, आईओसीएल के कुछ आउटलेट्स पर XP95 पेट्रोल की कीमत 101.80 रुपये प्रति लीटर हो गई है। पहले, कुछ जगहों पर प्रीमियम पेट्रोल की कीमत 111.68 रुपये प्रति लीटर थी, जो अब बढ़कर 113.77 रुपये प्रति लीटर हो गई है। इस वृद्धि के बाद, उत्तर प्रदेश की लखनऊ में पेट्रोल की कीमत 103.92 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है, जबकि पुणे में प्रीमियम पेट्रोल 113.17 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है।
पेट्रोल और डीजल की कीमतों का प्रभाव
कच्चे तेल की कीमतों में हो रही वृद्धि और मिडिल ईस्ट संकट का असर न केवल पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ रहा है, बल्कि यह समग्र अर्थव्यवस्था और आम आदमी की खर्चों में भी वृद्धि का कारण बन सकता है। इन बढ़ती कीमतों से उपभोक्ताओं के खर्चों पर भी दबाव बढ़ेगा।
सम्पूर्ण विवरण
मिडिल ईस्ट में बढ़ते संकट और अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में हो रही महंगाई के कारण पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। प्रीमियम पेट्रोल और इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतों में आई इस भारी बढ़ोतरी से उपभोक्ताओं पर वित्तीय बोझ बढ़ सकता है, जबकि सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर हैं।



