रसोई गैस की किल्लत को लेकर लोक सभा में हंगामा, तीन बार कार्यवाही करनी पड़ी स्थगित

नयी दिल्ली | हंगामे के कारण तोक सभा की कार्यवाही शुक्रवार को निर्धारित समय से पहले ही स्थगित कर दी गयी। इजरायल-अमेरिका और ईरान युद्ध के कारण देश में रसोई गैस की हो रही किल्लत को लेकर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण कार्यवाही पहली बार पूर्वाह्न 11 बजे स्थगित की गयीं। सदन के दोपहर 12 बाजे समवेत होते ही विपक्षी सदस्य फिर हंगामा करने लगे जिस पर कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।

अपराद्ध दो बने कार्यवाही फिर शुरू होने पर विपक्षी सदस्यों ने इसी मुद्दे पर फिर हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे के बीच ही वित्त मंत्री निर्मता उतारमण ने वित्त वर्ष 20zg-25 की अतिरिक्त अनुदान मांगों पर हुई चर्चा का जवाब दिया। इसके बाद अतिरिक्त अनुदान मागे पारित की गयीं और इसकी जुड़ा विनियोग विधेयक 2026 भी पारित किया।

इराके बाद भी विपक्षी रादरयों का हंगामा जारी रहा, जिस पर पीठासीन कृष्ण प्रसाद तेज्ञेटी ने कार्यवाही सोमवार पूर्णक 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

इसरो पहले पूर्वाह्न 11 बजे अध्यक्ष ओम बिरता ने जैसे ही प्रश्नकाल शुरू किया, विपक्षी सदस्य अपने-अपने स्थानों पर खड़े होकर रसोई गैस की किल्लत को लेकर हंगामा करने लगे। श्री बिरता ने प्रश्न काल चलाने का प्रयास किया, लेकिन सदस्यों ने शोर शराबा तेज कर दिया।

श्री बिरता ने हंगामा कर रहे सदस्यों से कहा, मेने पहले भी आपह किया था और आज फिर अहाह कर रहा हूं कि प्रश्नकाल महत्वपूर्ण समय होता है। आज भी विपक्ष के आठ सदस्यों के प्रश्न सूचीबद्ध है। प्रश्नकात में जहां देश के मुद्दे, क्षेत्र की समस्याएं उठायी जाती है, वहीं सरकार की जवाबदेही भी होती है, इसलिए मेरा आपसे अताह है कि सदस्यों को अपने प्रश्न रखाने का मौका दें। यह संसदीय मर्यादा नहीं है। प्रश्नकाल के बाद आप जो मुद्दे उठाना चाहते है, उठा. सकते हैं लेकिन प्रश्नकात बाधित करना करना ठीक नहीं है।”

हंगामा कर रहे सदस्यों को कड़ी चेतावनी देते हुए श्री बिरता ने कहा, “रादन की मेजों पर चढ़ोगे तो कार्रवाई होगी। संसद परिसर में हो या सदन में ही, संसद की पवित्रता, मर्यादा और प्रतिष्ठा बना रखाने की जिम्मेदारी सबकी है और जिस तरीके का आचरण आप कर रहे हैं, यह ठीक नहीं है। हंगामा कर रहे सदस्यों से उन्होंने कहा कि क्या वे सदन नहीं चताना चाहते हैं। सदस्यों ने जब उनकी बात नहीं मानी और हंगामा जारी रखा, ती उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे जैसे ही सदन समवेत हुआ, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्य रसोई गेरा की कमी का मामला उठाते हुए झा पर चर्चा कराने की मांग को लेकर शोरशराबा और नारेबाजी करने लगे। कई सदस्य सदन के बीचोंबीच आगी।
पीठासीन संध्या राय ने हंगामे के बीच ही विधायी दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाये।

इसी बीच, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि कार्य मंत्रणा समिति की आज हुई बैठक में तय किया गया था कि अनुपूरक अनुदान मांगों पर वित्त मंत्री सीतारमण का जवाब होगा और उसके बाद निजी सदस्यों के विधेयक पर चर्चा होगी लेकिन कांतग्रेस सदस्य हंगामा कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सदस्य संसद परिसर में भोजन लेकर आते है, गितारा और थाती लाते हैं। इस तरह के नाटक को जनता देया रही है।

श्री रिजिजू ने कहा, “यह दुखी मन से कह रहे हैं कि कांग्रेस के सदस्य अपने नेता के साथ-साथ खुद भी बिगड़ गये हैं। अभी समय है सुधर जाओ, जनता आपकी सत्ता नहीं देने वाली

श्रीमती राप ने कहा कि अनुपूरक अनुदान मागों पर बचर्चा के बाद वित्त मंत्री का जवाब अना है। विपक्षी सदस्यों को कार्यवाही में लगातार बाधा डालते हुए जनता देख रही है। रादन की मर्यादा बनाये रखिए। यह आचरण उचित नहीं है। वह आग्रह कर रही है कि सदस्य अपने-अपने स्थानों पर जाये और कार्यवाही चलने दें। उनके आशाह का हंगामा कर रहे सदस्यों पर कोई असर नहीं हुआ तो उन्होंने कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

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