जापान में 7.1 तीव्रता का भूकंप, सुनामी की चेतावनी के बाद तटीय इलाकों में हाई अलर्ट

टोक्यो: जापान में मंगलवार को 7.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आने से कई इलाकों में दहशत फैल गई। भूकंप का केंद्र दक्षिण-पश्चिमी जापान के क्यूशू (Kyushu) द्वीप के कुमामोतो (Kumamoto) क्षेत्र के पास बताया गया है। तेज झटकों के बाद प्रशासन ने संभावित सुनामी के खतरे को देखते हुए तटीय क्षेत्रों के लिए अलर्ट जारी कर दिया है और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
7 प्रांतों में अलर्ट, तटीय क्षेत्रों में सतर्कता
भूकंप के बाद जापानी मौसम एजेंसी और स्थानीय प्रशासन ने आपदा प्रबंधन तंत्र को सक्रिय कर दिया है। कुमामोतो के अलावा निम्नलिखित प्रांतों में भी हाई अलर्ट जारी किया गया है—
- नागासाकी (Nagasaki)
- कागोशिमा (Kagoshima)
- फुकुओका (Fukuoka)
- सागा (Saga)
- ओइता (Oita)
- मियाजाकी (Miyazaki)
प्रशासन ने समुद्र तट के पास रहने वाले लोगों को एहतियातन ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
फिलहाल बड़े नुकसान की सूचना नहीं
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, अब तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि राहत एवं बचाव दल पूरी तरह सतर्क हैं और प्रभावित इलाकों की लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
जापान में बार-बार क्यों आते हैं भूकंप?
जापान दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में से एक ‘पैसिफिक रिंग ऑफ फायर’ पर स्थित है। यह क्षेत्र कई टेक्टोनिक प्लेटों के संगम पर होने के कारण अत्यधिक भूकंप-प्रवण माना जाता है। दुनिया में आने वाले लगभग 90 प्रतिशत भूकंप इसी क्षेत्र में दर्ज किए जाते हैं।
दुनिया के सबसे बेहतर आपदा प्रबंधन सिस्टम में शामिल जापान
भूकंप जैसी आपदाओं से निपटने के लिए जापान का आपदा प्रबंधन तंत्र दुनिया में सबसे उन्नत माना जाता है। देश में अर्ली अर्थक्वेक वार्निंग (EEW) सिस्टम भूकंप की शुरुआती तरंगों का पता लगते ही मोबाइल फोन पर अलर्ट भेज देता है। वहीं, शिंकानसेन (बुलेट ट्रेन) में ऑटोमैटिक ब्रेकिंग सिस्टम है, जो भूकंप के दौरान ट्रेनों को स्वतः रोक देता है। इसके अलावा अधिकांश इमारतें आधुनिक भूकंप-रोधी तकनीक से निर्मित हैं।
2011 की त्रासदी आज भी है याद
जापान इससे पहले मार्च 2011 में आए 9.0 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप और उसके बाद आई सुनामी की भयावह त्रासदी झेल चुका है। इस आपदा में 18,000 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और फुकुशिमा परमाणु संयंत्र को भी गंभीर नुकसान पहुंचा था। इसी वजह से 7 या उससे अधिक तीव्रता के भूकंप आने पर जापान में तुरंत उच्च स्तर का अलर्ट जारी किया जाता है।
स्थिति पर प्रशासन की नजर
फिलहाल राहत एवं बचाव एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि लोगों को तटीय इलाकों से दूर रहने, सुरक्षित स्थानों पर जाने और सरकारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। आने वाले कुछ घंटे स्थिति की गंभीरता का आकलन करने के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।



