रायपुर में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 1.5 करोड़ की ठगी, शिक्षक और क्लर्क गिरफ्तार


रायपुर | छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बड़े ठगी गिरोह का खुलासा हुआ है। इस मामले में 34 लोगों से करीब 1.5 करोड़ रुपये की ठगी की गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक शिक्षक और एक निजी स्कूल के क्लर्क को गिरफ्तार किया है।
शिकायत पर दर्ज हुआ केस
पीड़ितों की शिकायत के आधार पर थाना राखी में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 76/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) में मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण के निर्देश पर विशेष जांच टीम गठित की गई।
तकनीकी जांच से खुला राज
जांच के दौरान पुलिस ने डिजिटल ट्रेल और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से व्हाट्सएप पर वायरल फर्जी नियुक्ति आदेश के स्रोत तक पहुंच बनाई। मुख्य आरोपी की पहचान राजेश शर्मा उर्फ राजू के रूप में हुई, जिसकी लोकेशन डोंगरगढ़ में मिली। पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
कर्ज में डूबा आरोपी बना ठग
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह कर्ज में डूबा हुआ था और जल्दी पैसा कमाने के लिए उसने यह साजिश रची। उसने सरकारी विभागों के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार किए और उन्हें सोशल मीडिया के जरिए फैलाया।
साथी के साथ मिलकर किया खेल
इस ठगी में आरोपी ने अपने साथी मनोज कुमार श्रीवास्तव को भी शामिल किया, जो एक निजी स्कूल में क्लर्क है। दोनों ने मिलकर कंप्यूटर और प्रिंटर की मदद से सरकारी फॉर्मेट जैसे दिखने वाले फर्जी दस्तावेज तैयार किए और डिजिटल सिग्नेचर का इस्तेमाल कर उन्हें असली जैसा बनाया।
34 लोगों को बनाया शिकार
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कुल 34 लोगों से लगभग 1.5 करोड़ रुपये की ठगी की। भिलाई की एक महिला से 1.90 लाख रुपये लेने के बाद, शिकायत की भनक लगने पर रकम वापस कर दी गई थी। इसके बाद आरोपियों ने फर्जी आदेश को आगे फैलाना बंद कर दिया, लेकिन तब तक कई लोग ठगी का शिकार हो चुके थे।
पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से कंप्यूटर, प्रिंटर और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं। मामले में BNS की धारा 319(2), 336(3), 3(5) के साथ आईटी एक्ट की धारा 66(डी) भी जोड़ी गई है। आगे की जांच जारी है।
सावधान रहें
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सरकारी नौकरी के नाम पर किसी भी तरह के ऑफर या नियुक्ति पत्र पर भरोसा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि जरूर करें। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दस्तावेजों से विशेष सावधानी बरतें, ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके।



