स्कूल बंद होने से पहले हर क्लास, टॉयलेट और मैदान की होगी जांच, डीपीआई ने जारी किए सख्त निर्देश

Raipur Education News: छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। अब राज्य के सभी स्कूलों में छुट्टी होने से पहले शिक्षकों को पूरे परिसर का अनिवार्य निरीक्षण करना होगा। बिना यह सुनिश्चित किए कि कोई भी छात्र-छात्रा परिसर में मौजूद नहीं है, किसी भी कक्षा, शौचालय या मुख्य द्वार पर ताला नहीं लगाया जाएगा।

लोक शिक्षण संचालनालय ने इस संबंध में सभी संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को निर्देश जारी कर राज्य के सभी विद्यालयों में तत्काल प्रभाव से इन व्यवस्थाओं को लागू करने को कहा है।

छुट्टी से पहले पूरे स्कूल परिसर की होगी जांच

जारी निर्देशों के अनुसार, प्रतिदिन विद्यालय बंद होने से पहले संस्था प्रमुख यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी कक्षाओं, शौचालयों, प्रयोगशालाओं और खेल मैदानों की गहन जांच की गई है। निरीक्षण के बाद ही कमरों और मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला लगाया जाएगा।

इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी छात्र या छात्रा गलती से कक्षा, शौचालय या अन्य स्थान पर बंद न रह जाए और किसी भी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न बने।

रोटेशन के आधार पर नोडल शिक्षक की होगी ड्यूटी

डीपीआई ने निर्देश दिया है कि प्रत्येक विद्यालय में प्रतिदिन रोटेशन के आधार पर एक नोडल शिक्षक या कर्मचारी की ड्यूटी लगाई जाएगी। यह शिक्षक छुट्टी के समय पूरे परिसर का निरीक्षण करेगा और व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करेगा कि परिसर पूरी तरह खाली होने के बाद ही स्कूल को बंद किया जाए।

इसके अलावा छुट्टी के समय मुख्य द्वार पर होने वाली भीड़ को नियंत्रित करने और विद्यार्थियों के सुरक्षित निकास के लिए गेट पर शिक्षकों की उपस्थिति भी अनिवार्य होगी।

खुले बोरवेल और गड्ढों को तत्काल बंद करने के निर्देश

विद्यालय परिसर में सुरक्षा संबंधी अन्य जोखिमों को भी गंभीरता से लेते हुए डीपीआई ने सभी स्कूलों को खुले बोरवेल और गड्ढों को तत्काल बंद कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बारिश के मौसम को देखते हुए गीली दीवारों के कारण खुले या क्षतिग्रस्त बिजली के तारों की जांच कर उन्हें तुरंत ठीक कराने को कहा गया है।

बारिश के मौसम में बढ़ाई गई सतर्कता

निर्देश में कहा गया है कि मानसून के दौरान स्कूल परिसरों में जलभराव, जर्जर भवन, खुले विद्युत तार, खुले बोरवेल तथा जहरीले जीव-जंतुओं के मिलने जैसी घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में सभी विद्यालयों को नियमित निरीक्षण कर संभावित जोखिमों की पहचान करने और तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।

क्यों जारी हुआ यह आदेश?

हाल के महीनों में स्कूल परिसरों में विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े कई मामले सामने आए हैं। कुछ घटनाओं में बच्चों के कक्षा या शौचालय में बंद रह जाने, भवनों की जर्जर स्थिति, खुले बोरवेल, बिजली के खुले तार और अन्य सुरक्षा खामियों को लेकर शिकायतें मिली थीं। इन्हीं घटनाओं को देखते हुए लोक शिक्षण संचालनालय ने राज्यभर के सरकारी स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए यह विस्तृत निर्देश जारी किए हैं।

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