रायपुर-बिलासपुर मंडल में टीटीई की कमी, रेलवे बोर्ड ने शुरू की नई भर्ती की तैयारी

रायपुर। भारतीय रेलवे में टिकट जांच व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए रेलवे बोर्ड ने सभी जोनों से टीटीई (Travelling Ticket Examiner) स्टाफ की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। इस रिपोर्ट के आधार पर रिक्त पदों का आकलन कर भविष्य में नई भर्ती और मैनपावर प्लान तैयार किया जाएगा। रायपुर, बिलासपुर और नागपुर मंडल से भी मौजूदा टीटीई की संख्या, रिक्त पदों और भविष्य की जरूरतों की जानकारी मांगी गई है।
ट्रेनों की बढ़ती संख्या के बीच टीटीई की कमी
रेलवे अधिकारियों के अनुसार रायपुर मंडल सहित दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) में ट्रेनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। त्योहारों, छुट्टियों और गर्मी के मौसम में बड़ी संख्या में स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जाती हैं। इसके बावजूद टीटीई की संख्या पर्याप्त नहीं होने से ट्रेनों में नियमित टिकट जांच प्रभावित होती है।
रेलवे बोर्ड ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट
रेलवे बोर्ड ने सभी जोनों को निर्देश दिया है कि वे निर्धारित प्रारूप में निम्न जानकारी उपलब्ध कराएं—
- वर्तमान में कार्यरत टीटीई की संख्या
- स्वीकृत पदों की संख्या
- रिक्त पदों का विवरण
- 1 अगस्त 2026 और 1 अगस्त 2027 तक की अनुमानित आवश्यकता
- नई ट्रेनों और परिचालन विस्तार के अनुसार अतिरिक्त मैनपावर की जरूरत
इन आंकड़ों के आधार पर देशभर के लिए समेकित मैनपावर योजना तैयार की जाएगी, जिससे भविष्य की भर्ती प्रक्रिया तय होगी।
रायपुर मंडल में करीब 250 टीटीई, फिर भी स्टाफ कम
रेलवे सूत्रों के मुताबिक रायपुर मंडल में वर्तमान में लगभग 250 टीटीई कार्यरत हैं, जबकि मंडल से 140 से अधिक ट्रेनों का संचालन होता है। त्योहारों और विशेष अवसरों पर ट्रेनों और फेरों की संख्या बढ़ने के साथ यात्रियों की संख्या भी एक लाख से अधिक पहुंच जाती है। ऐसे में मौजूदा स्टाफ को आवश्यकता के मुकाबले कम माना जा रहा है।
टिकट जांच अभियान पर पड़ रहा असर
टीटीई की कमी का असर टिकट जांच व्यवस्था पर भी साफ दिखाई दे रहा है। रेलवे समय-समय पर विशेष टिकट चेकिंग अभियान चलाकर बिना टिकट और अनियमित टिकट पर यात्रा करने वाले यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई करता है, लेकिन सीमित स्टाफ के कारण ऐसे अभियान नियमित रूप से नहीं चलाए जा पाते।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यदि पर्याप्त संख्या में टीटीई की भर्ती होती है तो ट्रेनों में नियमित टिकट जांच सुनिश्चित होगी, यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और रेलवे के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।
भर्ती की उम्मीद बढ़ी
रेलवे बोर्ड की इस कवायद को भविष्य में टीटीई के रिक्त पदों पर भर्ती की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। रिपोर्ट मिलने के बाद आवश्यकता के अनुसार नई भर्ती और मैनपावर पुनर्गठन पर फैसला लिया जा सकता है, जिससे टिकट जांच व्यवस्था और परिचालन दोनों को मजबूती मिलेगी।



