छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों में लागू हुई प्री-पेड बिजली व्यवस्था, बकाया बिल किस्तों में होगा जमा

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने सरकारी बिजली कनेक्शनों की बिलिंग व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। नगरीय निकायों के लिए प्री-पेड बिजली प्रणाली लागू कर दी गई है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सभी नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों को इस व्यवस्था का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। नई व्यवस्था 1 अगस्त 2026 से लागू की गई है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्री-पेड व्यवस्था में लापरवाही के कारण यदि बिजली आपूर्ति बाधित होती है और इससे पेयजल, स्ट्रीट लाइट, सीवरेज, स्वच्छता या अन्य आवश्यक सेवाएं प्रभावित होती हैं, तो संबंधित नगरीय निकाय की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
30 जून तक का बकाया चार किस्तों में होगा जमा
सरकार ने 30 जून 2026 तक लंबित बिजली बिलों के भुगतान के लिए भी व्यवस्था तय की है। पुराने बकाए का भुगतान आगामी चार तिमाहियों में समान किस्तों के माध्यम से किया जाएगा।
इसके लिए नगरीय निकायों को पहले अपने लंबित बिजली बिलों का सत्यापन करना होगा। इसके बाद निर्धारित समय-सीमा के भीतर बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित करना होगा।
जरूरी सेवाओं की बिजली नहीं होगी बाधित
नई प्री-पेड व्यवस्था का असर आम नागरिकों को मिलने वाली जरूरी सुविधाओं पर न पड़े, इसके लिए विभाग ने विशेष निर्देश जारी किए हैं। पेयजल आपूर्ति, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े बिजली कनेक्शनों की लगातार निगरानी करनी होगी।
निकायों को समय पर रिचार्ज कराने और बिजली कनेक्शन में पर्याप्त बैलेंस बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आवश्यक सेवाओं की बिजली आपूर्ति बाधित न हो।
हर महीने 5 तारीख तक भेजनी होगी रिपोर्ट
सभी नगरीय निकायों को हर महीने की 5 तारीख तक राज्य शहरी विकास अभिकरण की एनर्जी ऑडिट शाखा को अनुपालन रिपोर्ट भेजनी होगी।
इस रिपोर्ट में कुल बिजली कनेक्शन, प्री-पेड ग्रुप आईडी, नोडल अधिकारी का विवरण, लंबित बकाया राशि, किए गए भुगतान, आगामी तिमाही के लिए आवश्यक रिचार्ज राशि और उपलब्ध बैलेंस जैसी जानकारी शामिल करनी होगी।
पहले चरण में बड़े सरकारी कार्यालय होंगे शामिल
विभाग के अनुसार पहले चरण में विकासखंड स्तर और उससे ऊपर के सभी सरकारी कार्यालयों को स्मार्ट मीटर के माध्यम से प्री-पेड बिलिंग व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। इसके बाद विकासखंड स्तर से नीचे के सरकारी कार्यालयों को भी इस प्रणाली में शामिल किया जाएगा।
हर निकाय में नियुक्त होगा प्री-पेड नोडल अधिकारी
नई व्यवस्था की निगरानी के लिए प्रत्येक नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत में प्री-पेड नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा।
नगर निगमों में आयुक्त, जोन आयुक्त, उपायुक्त या कार्यपालन अभियंता को यह जिम्मेदारी दी जा सकती है। वहीं नगर पालिका और नगर पंचायतों में मुख्य नगर पालिका अधिकारी जिम्मेदारी संभालेंगे। संबंधित अधिकारी की जानकारी सीएसपीडीसीएल को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
अग्रिम रिचार्ज से जारी रहेगी बिजली आपूर्ति
प्री-पेड व्यवस्था में बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए नगरीय निकायों को आगामी तिमाही की अनुमानित बिजली खपत के आधार पर अग्रिम रिचार्ज कराना होगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि रिचार्ज या भुगतान में देरी के कारण बिजली कनेक्शन कटने की स्थिति नहीं बननी चाहिए, खासकर उन कनेक्शनों में जिनसे नागरिकों को जरूरी सेवाएं मिलती हैं।
अब बिल से ज्यादा बैलेंस की निगरानी जरूरी
नई व्यवस्था लागू होने के बाद नगरीय निकायों के लिए केवल बिजली बिल का भुगतान करना पर्याप्त नहीं होगा। उन्हें नियमित रूप से प्री-पेड बैलेंस की निगरानी करनी होगी और समय रहते रिचार्ज कराना होगा।
सरकार का उद्देश्य सरकारी बिजली खर्च में वित्तीय अनुशासन लाने के साथ-साथ नगरीय क्षेत्रों में पेयजल, स्ट्रीट लाइट और अन्य आवश्यक सेवाओं की निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है।



