नागपुर ब्लास्ट के तार बेमेतरा फैक्ट्री विस्फोट से जुड़े, 25 लोगों की मौत के बाद जांच रायपुर तक पहुंची

रायपुर। महाराष्ट्र के नागपुर जिले में स्थित SBL Energy Limited के विस्फोटक कारखाने में हुए भीषण धमाके की जांच अब छत्तीसगढ़ तक पहुंच गई है। जांच एजेंसियों को ऐसे अहम सुराग मिले हैं, जिनसे 25 मई 2024 को बेमेतरा में हुए फैक्ट्री विस्फोट और 1 मार्च 2026 को नागपुर ब्लास्ट के बीच संभावित कड़ियों की जांच तेज हो गई है। दोनों हादसों में कुल 34 लोगों की जान जा चुकी है, जिससे कंपनी की कार्यप्रणाली और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
रायपुर कार्यालय में नागपुर पुलिस की दबिश
सूत्रों के अनुसार, दो दिन पहले नागपुर पुलिस की टीम रायपुर के फाफाडीह स्थित SBL Energy के कार्यालय पहुंची। इस दौरान छत्तीसगढ़ पुलिस की सहायता से कंपनी के संचालकों आलोक चौधरी और संजय चौधरी की तलाश की गई, लेकिन दोनों नहीं मिले। बताया जा रहा है कि दोनों फिलहाल फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए अभियान तेज कर दिया गया है।
अमेरिका ने भी लगाया प्रतिबंध
जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों और अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की कार्रवाई के अनुसार, SBL Energy Limited, उसके सीईओ आलोक चौधरी समेत कुल आठ व्यक्तियों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाया गया है।
अमेरिकी एजेंसियों का आरोप है कि कंपनी ने सूडान में चल रहे गृहयुद्ध के दौरान बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री की आपूर्ति की, जिसका इस्तेमाल संघर्ष में किया गया। हालांकि, कंपनी ने इन आरोपों पर सार्वजनिक रूप से अपना अलग पक्ष रखा है।
बेमेतरा हादसे की याद फिर हुई ताजा
नागपुर ब्लास्ट ने एक बार फिर 25 मई 2024 को बेमेतरा स्थित SBL Energy फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट की याद ताजा कर दी है। उस हादसे में 9 कर्मचारियों की मौत हुई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे।
दोनों घटनाओं के बाद कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था, विस्फोटक निर्माण प्रक्रिया और प्रबंधन की जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अब नागपुर पुलिस की जांच रायपुर तक पहुंचने से पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
अब भी अनसुलझे हैं कई सवाल
- बेमेतरा फैक्ट्री विस्फोट की जांच रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं की गई?
- हादसे के जिम्मेदार लोगों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
- कंपनी के संस्थापक संजय चौधरी और सीईओ आलोक चौधरी के खिलाफ राज्य स्तर पर क्या कार्रवाई हुई?
- पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन (PESO) द्वारा कंपनी की भूमिका पर सवाल उठाने के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
- यदि बेमेतरा फैक्ट्री 2022 से बंद थी, तो वहां विस्फोट कैसे हुआ और कर्मचारी वहां क्या कर रहे थे?
रायपुर पुलिस ने क्या कहा?
रायपुर पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला ने बताया कि नागपुर पुलिस ने SBL Energy Limited के रायपुर स्थित ठिकानों पर कार्रवाई के लिए सहयोग मांगा था। इसके बाद देवेंद्र नगर थाना पुलिस की टीम ने नागपुर पुलिस को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई।
जांच पर सबकी नजर
नागपुर और बेमेतरा विस्फोटों के बीच संभावित संबंधों की जांच अब कई एजेंसियां कर रही हैं। कंपनी के अधिकारियों की तलाश, सुरक्षा मानकों की पड़ताल और विस्फोटक निर्माण से जुड़े दस्तावेजों की जांच के बाद इस मामले में आगे और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।



