रायपुर में HTC ट्रांसपोर्ट पर GST की बड़ी कार्रवाई, संचालक को 10 करोड़ की रिकवरी का नोटिस

Raipur GST Raid: रायपुर में स्टेट जीएसटी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हैवी ट्रांसपोर्ट कंपनी (HTC) के संचालक इंद्रजीत सिंह को करीब 10 करोड़ रुपये की रिकवरी के लिए नोटिस जारी किया है। विभाग की जांच में कथित तौर पर बोगस बिलिंग, टैक्स चोरी, आय छिपाने और गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) लेने से जुड़ी अनियमितताएं सामने आई हैं। जीएसटी अधिकारियों ने कंपनी से संबंधित दस्तावेज, लेनदेन और टैक्स का पूरा ब्योरा प्रस्तुत करने को कहा है।

24-25 अगस्त को भिलाई और बलौदाबाजार में हुई थी कार्रवाई

स्टेट जीएसटी दुर्ग की टीम ने 24 और 25 अगस्त 2026 को HTC के भिलाई स्थित कार्यालय और बलौदाबाजार स्थित यार्ड में तलाशी कार्रवाई की थी। जांच के दौरान अधिकारियों ने कंपनी के विभिन्न दस्तावेज और कारोबारी रिकॉर्ड जब्त किए थे।

विभाग के अनुसार, तलाशी के दौरान कथित तौर पर बोगस बिलिंग, टैक्स चोरी, कच्चे में कारोबार, आय छिपाने के लिए कंपनी को नुकसान में दिखाने और गलत ITC लेने से जुड़े तथ्य सामने आए। इन दस्तावेजों और रिकॉर्ड का फिलहाल परीक्षण किया जा रहा है।

11 दिन बाद भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने का दावा

जीएसटी अधिकारियों के मुताबिक, कंपनी के संचालक को अपना पक्ष रखने और संबंधित दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है। हालांकि, कार्रवाई के करीब 11 दिन बाद भी HTC की ओर से मांगे गए दस्तावेज और जीएसटी संबंधी पूरा ब्योरा प्रस्तुत नहीं किया गया है।

विभाग ने कंपनी से जांच में सामने आए लेनदेन का हिसाब और उनके समर्थन में आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है।

पांच साल के कारोबारी रिकॉर्ड की जांच

जीएसटी टीम ने कंपनी के पिछले करीब पांच वर्षों के कारोबारी लेनदेन और रिकॉर्ड को जांच के दायरे में लिया है। इस दौरान ट्रकों की खरीद और बाद में बिक्री से जुड़े लेनदेन की भी जांच की गई।

अधिकारियों के अनुसार, कुछ खरीद-फरोख्त में कथित अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। इसके अलावा ऐसे लेनदेन की भी जांच की जा रही है, जिनमें ऐसे मदों पर जीएसटी वसूले जाने का संदेह है, जहां टैक्स देय नहीं था। वसूले गए टैक्स को सरकार के खाते में जमा नहीं करने से जुड़े मामलों की भी पड़ताल की जा रही है।

टैक्स के साथ ब्याज और पेनाल्टी की भी हो सकती है वसूली

स्टेट जीएसटी अधिकारियों के मुताबिक, कंपनी की ओर से दस्तावेज उपलब्ध कराए जाने के बाद सभी लेनदेन का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा। इसके आधार पर वास्तविक टैक्स देनदारी तय होगी।

यदि जांच में टैक्स चोरी या अन्य अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं, तो संबंधित प्रावधानों के तहत टैक्स के साथ ब्याज और पेनाल्टी की भी वसूली की जा सकती है। फिलहाल कंपनी को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है।

170 करोड़ रुपये का टर्नओवर, करीब 1500 ट्रकों का बेड़ा

HTC ट्रांसपोर्ट कंपनी का सालाना कारोबार करीब 170 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। कंपनी के पास लगभग 1500 ट्रकों का बेड़ा है। इनमें करीब 500 ट्रक कंपनी के खुद के और लगभग 1000 ट्रक अटैच बताए गए हैं।

कंपनी के अधिकांश ट्रक भिलाई स्टील प्लांट से जुड़े परिवहन कार्य और खदानों में संचालित होने की जानकारी सामने आई है।

तीन फर्मों के लेनदेन की भी जांच

जीएसटी जांच के दौरान अधिकारियों को तीन अलग-अलग फर्मों के दस्तावेजों और लेनदेन में कथित घालमेल से जुड़े इनपुट मिलने की बात कही गई है। इन फर्मों के बीच लेनदेन और हिसाब-किताब की भी जांच की जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार, कथित अनियमितताओं को छिपाने के लिए अलग-अलग फर्मों में रिकॉर्ड रखने की आशंका की भी पड़ताल की जा रही है। इसी वजह से जीएसटी टीम ने लगातार दो दिनों तक भिलाई और बलौदाबाजार स्थित ठिकानों पर रिकॉर्ड खंगाले।

जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी वास्तविक देनदारी

HTC को प्रदेश की प्रमुख ट्रांसपोर्ट कंपनियों में शामिल बताया जाता है। कंपनी के बड़े कारोबार और ट्रकों के बेड़े को देखते हुए जीएसटी विभाग की यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

फिलहाल जांच और दस्तावेजों का परीक्षण जारी है। अंतिम टैक्स देनदारी और कथित अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने तथा कंपनी द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही स्पष्ट होगी।

Related Articles

Back to top button