भोपाल में नकली नोटों का बड़ा खेल बेनकाब, 300 रुपए में बेचे जा रहे थे फेक 500 के नोट


मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में नकली नोटों के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी सैफुल इस्लाम भोपाल को फेक करेंसी के ट्रांजिट पॉइंट के रूप में इस्तेमाल कर रहा था। आरोपी बाजार में कम कीमत पर नकली 500 रुपए के नोट बेचकर लोगों को लालच देता था और धीरे-धीरे नकली करेंसी का जाल फैला रहा था।
जानकारी के मुताबिक आरोपी 500 रुपए के नकली नोट करीब 300 रुपए में बेचता था, जबकि 1 लाख रुपए की नकली करेंसी लगभग 70 हजार रुपए में सप्लाई की जाती थी। सस्ते में ज्यादा रकम मिलने के लालच में कई लोगों को इस नेटवर्क में फंसाया जा रहा था।
दुकानदारों से पहले बनाता था भरोसा
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी सीधे नकली नोट नहीं चलाता था। वह पहले बाजारों और दुकानों की रेकी करता था। छोटे कारोबारियों और दुकानदारों से दोस्ती कर उनका भरोसा जीतता था, फिर धीरे-धीरे नकली नोट खपाने की कोशिश करता था। पुलिस को आशंका है कि स्थानीय संपर्कों की मदद से भोपाल समेत कई इलाकों में फेक करेंसी फैलाई जा रही थी।
पश्चिम बंगाल तक फैला नेटवर्क
जांच एजेंसियों के अनुसार निकाह के बाद आरोपी भोपाल में रहकर पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था। पश्चिम बंगाल में बैठे उसके साथी को नकली नोटों की सप्लाई और बाजार में खपत की जानकारी दी जाती थी। फिलहाल भोपाल पुलिस आरोपी को लेकर पश्चिम बंगाल पहुंची है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
कोहेफिजा थाना पुलिस का कहना है कि दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पूरे गिरोह और उसके नेटवर्क का बड़ा खुलासा हो सकता है।
ऐसे हुआ खुलासा
करीब एक सप्ताह पहले कोहेफिजा थाना पुलिस ने सैफिया कॉलेज मैदान के पास एक संदिग्ध युवक को पकड़ा था। आरोपी कम कीमत पर 500 के नोट किसी को देने पहुंचा था। पूछताछ में उसकी पहचान सैफुल इस्लाम (25) निवासी अरेरा कॉलोनी, शाहपुरा भोपाल के रूप में हुई।
जब पुलिस ने उसके बैग की तलाशी ली तो उसमें 500-500 रुपए के 280 नकली नोट बरामद हुए, जिनकी कुल कीमत 1.40 लाख रुपए थी। इसके अलावा एक आईफोन और एक एंड्रॉयड मोबाइल भी जब्त किया गया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपनी पहचान छिपाने के लिए आईफोन में यूके (+44) नंबर का इस्तेमाल कर व्हाट्सऐप कॉलिंग करता था। पुलिस को उसके खातों में संदिग्ध ट्रांजेक्शन भी मिले हैं। आरोपी ने स्वीकार किया कि वह पिछले तीन वर्षों से पश्चिम बंगाल से नकली नोट लाकर भोपाल और अन्य जगहों पर खपा रहा था।
ऐसे पहचानें 500 का असली नोट
नकली नोटों के बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। 500 रुपए का असली नोट पहचानने के लिए इन बातों का ध्यान रखें—
- नोट को रोशनी में देखने पर 500 लिखा दिखाई देता है।
- 45 डिग्री के एंगल पर रखने पर भी 500 अंक नजर आता है।
- नोट पर देवनागरी में ‘500’ लिखा होता है।
- सिक्योरिटी थ्रेड का रंग नोट मोड़ने पर हरे से नीला हो जाता है।
- गवर्नर के हस्ताक्षर, गारंटी क्लॉज और RBI का लोगो दाहिनी तरफ होता है।
- नोट के नंबर बाएं से दाएं बड़े होते जाते हैं।
- बाईं ओर अशोक स्तंभ और दाईं तरफ सर्कल बॉक्स में 500 अंक दर्ज होता है।
- दोनों तरफ 5-5 ब्लीड लाइंस बनी होती हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध नोट की जानकारी तुरंत पुलिस या बैंक को दें और लालच में आकर सस्ते नोट खरीदने से बचें।



