43,301 स्कूल सफाई कर्मचारियों का सरकार को अल्टीमेटम, 2 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में साफ-सफाई की जिम्मेदारी संभाल रहे 43,301 स्कूल सफाई कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारियों को पूर्णकालिक करने और कलेक्टर दर पर सम्मानजनक मानदेय देने समेत विभिन्न मांगों को लेकर कर्मचारी संघ ने राज्य सरकार को 30 सितंबर 2026 तक का अल्टीमेटम दिया है।
संघ ने चेतावनी दी है कि अगर तय समयसीमा में सरकार की ओर से मांगों पर सकारात्मक और ठोस फैसला नहीं लिया गया, तो 2 अक्टूबर 2026 से प्रदेशभर के स्कूल सफाई कर्मचारी काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
डेढ़ दशक से अंशकालीन आधार पर सेवाएं
स्कूल सफाई कर्मचारी संघ के अनुसार, प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बड़ी संख्या में कर्मचारी पिछले करीब 15 वर्षों से अंशकालीन आधार पर काम कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से सेवाएं देने के बावजूद उन्हें पूर्णकालिक कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया गया है।
स्कूलों में कक्षाओं, परिसर और अन्य स्थानों की साफ-सफाई के साथ स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी इन कर्मचारियों की होती है। संघ का कहना है कि काम की प्रकृति और जिम्मेदारियों के बावजूद उनकी सेवा शर्तों और मानदेय को लेकर लंबे समय से समस्याएं बनी हुई हैं।
कलेक्टर दर पर मानदेय और पूर्णकालिक करने की मांग
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारियों को पूर्णकालिक दर्जा देना और उन्हें कलेक्टर दर के अनुसार सम्मानजनक मानदेय देना शामिल है।
कर्मचारी संघ का कहना है कि महंगाई के मौजूदा दौर में वर्तमान मानदेय में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल है। लंबे समय से सेवा देने के बावजूद आर्थिक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। ऐसे में सरकार को कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द निर्णय लेना चाहिए।
30 सितंबर तक सरकार को दिया समय
स्कूल सफाई कर्मचारी संघ ने सरकार को 30 सितंबर तक मांगें पूरी करने का समय दिया है। संघ के पदाधिकारियों के मुताबिक, अगर इस अवधि में सरकार की ओर से सकारात्मक पहल होती है तो आंदोलन की रणनीति पर पुनर्विचार किया जा सकता है।
वहीं, मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने की स्थिति में 2 अक्टूबर से काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की बात कही गई है।
सितंबर में रायपुर में प्रदेश स्तरीय बैठक
आंदोलन की तैयारियों और आगे की रणनीति को लेकर सितंबर के पहले सप्ताह में रायपुर में प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित करने की तैयारी है। इसमें अलग-अलग जिलों से कर्मचारी प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।
बैठक में कर्मचारियों की मांगों, सरकार के साथ बातचीत और 30 सितंबर के बाद आंदोलन को लेकर रणनीति तय की जाएगी।
हड़ताल से स्कूलों की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका
अगर प्रदेश के 43,301 स्कूल सफाई कर्मचारी एक साथ काम बंद करते हैं, तो सरकारी स्कूलों में साफ-सफाई और स्वच्छता व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। ऐसे में अब कर्मचारियों की नजर सरकार की ओर से होने वाली पहल पर है।
फिलहाल कर्मचारी संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि मांगों पर समय रहते फैसला नहीं होने पर आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदला जाएगा। सितंबर में होने वाली प्रदेश स्तरीय बैठक और 30 सितंबर की समयसीमा के बाद आंदोलन की आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।



