तीन ग्रामीणों की मौत के बाद खूंखार भालू पकड़ा गया, बेहोश होने पर ग्रामीणों ने किया हमला

Kanker Bear Attack: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में तीन ग्रामीणों की मौत के लिए जिम्मेदार खूंखार भालू को वन विभाग ने पकड़ लिया है। भालू के लगातार हमलों से आक्रोशित ग्रामीणों ने उसे घेर लिया। बताया जा रहा है कि घेराबंदी के दौरान भालू बेहोश हो गया, जिसके बाद कुछ लोगों ने उस पर हमला कर दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आया है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और भालू को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। पूरे मामले की जांच की जा रही है।

भाई को बचाने दौड़ी बहन, दोनों की मौत

बुधवार सुबह कांकेर जिले के मरकाटोला गांव में 36 वर्षीय हलाल जुर्री पर भालू ने अचानक हमला कर दिया। उसकी चीख सुनकर बहनें गौरसे बाई (34) और खोरीन बाई उसे बचाने के लिए दौड़ीं, लेकिन भालू ने उन पर भी हमला कर दिया। इस दर्दनाक घटना में हलाल जुर्री और गौरसे बाई की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल खोरीन बाई का अस्पताल में इलाज जारी है।

नरहरपुर में भी भालू के हमले से एक ग्रामीण की मौत

इसी दिन कांकेर जिले के नरहरपुर विकासखंड में भी भालू के हमले में एक अन्य ग्रामीण की मौत हो गई। लगातार हुई इन घटनाओं के बाद जिले में भालू के हमले से मरने वालों की संख्या तीन पहुंच गई, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।

गुस्साए ग्रामीणों ने बेहोश भालू पर किया हमला

लगातार हो रहे हमलों से नाराज ग्रामीणों ने भालू को घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस दौरान भालू बेहोश हो गया, जिसके बाद कुछ लोगों ने उस पर हमला कर दिया। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और भालू को सुरक्षित कब्जे में लेकर इलाज एवं आगे की कार्रवाई के लिए रवाना किया। अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है।

धमतरी में भी दो ग्रामीणों पर भालू का हमला

उधर धमतरी जिले के उत्तर सिंगपुर वन परिक्षेत्र में भी भालू के हमले की घटना सामने आई। परसाबुड़ा निवासी रामप्रसाद साहू और अमलीडीह निवासी एक अन्य ग्रामीण जंगल में जंगली मशरूम (फूटू) बीनने गए थे। इसी दौरान भालू ने उन पर हमला कर दिया। दोनों किसी तरह जान बचाकर गांव पहुंचे, जहां से उन्हें मगरलोड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।

वन विभाग पर उठे सवाल

घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि स्कूल और कन्या छात्रावास के आसपास लंबे समय से भालू की मौजूदगी की जानकारी विभाग को दी जा रही थी, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों ने आबादी वाले क्षेत्रों में घूम रहे जंगली जानवरों को तत्काल ट्रेंकुलाइज कर सुरक्षित स्थान पर भेजने की मांग की है।

वन विभाग की अपील

वन विभाग ने लोगों से जंगल और उससे सटे इलाकों में अकेले न जाने की सलाह दी है। अधिकारियों ने कहा है कि किसी भी वन्यजीव के दिखाई देने पर तुरंत वन विभाग को सूचना दें और कानून अपने हाथ में न लें। साथ ही लोगों से वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की गई है।

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