छत्तीसगढ़ में अवैध बीज-उर्वरक की कालाबाजारी पर कृषि विभाग की सख्ती, 10 से ज्यादा केंद्रों पर छापेमारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन के बीच अवैध बीज, उर्वरक और कीटनाशकों के भंडारण व कालाबाजारी के खिलाफ कृषि विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। किसानों से मिली शिकायतों के बाद राज्य एवं जिला स्तर की टीमों ने राजधानी रायपुर समेत विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी की। अब तक 10 से अधिक केंद्रों पर कार्रवाई करते हुए संदिग्ध बीज-उर्वरक और अन्य कृषि सामग्री को जब्त किया गया है। कई प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, जबकि कुछ जगहों पर बिक्री पर रोक लगाई गई है।
तिल्दा के ग्रीन इंडिया केयर में भी छापा
कृषि विभाग की टीम ने तिल्दा के ग्राम बरतोरी-2 स्थित ग्रीन इंडिया केयर में भी छापामार कार्रवाई की। प्रतिष्ठान के संचालक नागेश्वर प्रसाद सोनी बताए गए हैं। जांच के दौरान यहां पांच प्रकार की कुल एक हजार किलोग्राम से अधिक कीटनाशक दवाएं बरामद हुईं।
विभाग ने नियमों के विपरीत पाई गई कीटनाशक दवाओं के विक्रय पर तत्काल रोक लगा दी है। बरामद उत्पादों के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इन दुकानों और प्रतिष्ठानों पर हुई कार्रवाई
कृषि विभाग की अब तक की कार्रवाई में विभिन्न प्रतिष्ठानों पर अलग-अलग स्तर की कार्रवाई की गई है:
- मेसर्स सुंदरम बीज भंडार, आरंग — लाइसेंस निलंबित।
- प्रयाग कृषि केंद्र, धरसींवा — बिक्री पर रोक।
- इंदु कृषि सेवा केंद्र, आरंग — बिक्री पर रोक।
- मिश्रा कृषि केंद्र, अभनपुर — बिक्री पर रोक।
- महानदी बीज भंडार, आरंग — कारण बताओ नोटिस जारी।
- मेसर्स सिद्धि एग्रोटेक, इंद्रप्रस्थ — बिक्री पर रोक।
- मेसर्स शौर्य ट्रेडर्स, इंद्रप्रस्थ — बिक्री पर रोक।
- रविंद्र कुमार मित्तल गोदाम, टाटीबंध — उर्वरक नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई।
- मेसर्स पुलकित बायो फर्टिलाइजर प्रा.लि. — सामग्री जब्त।
विभाग के अनुसार कुछ अन्य प्रतिष्ठानों की जांच एवं कार्रवाई की प्रक्रिया अभी जारी है। संबंधित मामलों की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद लाइसेंस निलंबन, निरस्तीकरण अथवा अन्य नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई
कृषि विभाग रायपुर के उप संचालक सतीश अवस्थी ने बताया कि शिकायत एवं सूचना प्राप्त होने के बाद विभाग की टीमों द्वारा लगातार छापामार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों की जांच रिपोर्ट अभी प्राप्त होना बाकी है। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कई दुकानदारों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
किसानों को आर्थिक नुकसान का खतरा
खरीफ सीजन में किसानों के लिए गुणवत्तापूर्ण बीज, उर्वरक और कीटनाशकों की उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण होती है। बिना अनुमति कृषि सामग्री का भंडारण, नियमों के विपरीत बिक्री या निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बिक्री होने से किसानों को आर्थिक नुकसान हो सकता है। वहीं, अमानक या संदिग्ध कृषि सामग्री के इस्तेमाल से फसल की गुणवत्ता और उत्पादन पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका रहती है।
कृषि विभाग द्वारा बीज, उर्वरक और कीटनाशकों की बिक्री एवं भंडारण के लिए निर्धारित नियमों के तहत लाइसेंस जारी किए जाते हैं। संबंधित दुकानदारों और संस्थानों के लिए स्टॉक, दस्तावेज, बिल, पैकिंग, भंडारण और उत्पाद की गुणवत्ता से जुड़े नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
विभाग की टीमें दुकानों और गोदामों का निरीक्षण कर स्टॉक, दस्तावेज और कृषि उत्पादों के नमूनों की जांच कर रही हैं। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सामग्री जब्त करने, बिक्री पर रोक लगाने और लाइसेंस निलंबित करने जैसी कार्रवाई की जा रही है। वहीं, जांच में गंभीर अनियमितता की पुष्टि होने पर संबंधित प्रतिष्ठान का लाइसेंस निरस्त करने के साथ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
कृषि विभाग की इस कार्रवाई से अवैध बीज-उर्वरक और कीटनाशक कारोबार में लगे कारोबारियों पर शिकंजा कसने के साथ किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में सख्ती बढ़ने की उम्मीद है।



