अमेरिका-ईरान तनाव फिर बढ़ा, कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल-ड्रोन हमले, होर्मुज में भी बढ़ा संकट

Iran-Kuwait Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। ईरान ने गुरुवार को कुवैत में मिसाइल और ड्रोन हमले किए। ईरानी हमलों के बाद कुवैत ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया। कुवैत की सेना ने इसकी पुष्टि करते हुए नागरिकों से सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

कुवैत की सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बताया कि लोगों को सुनाई देने वाली धमाके की आवाजें एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा हमलों को रोकने के कारण हैं। सेना ने नागरिकों से अपील की कि वे संबंधित अधिकारियों की ओर से जारी सुरक्षा और बचाव संबंधी निर्देशों का पालन करें।

कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ने भी कुवैत में हमले की पुष्टि की है। एजेंसी के मुताबिक, ईरान ने कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। हालांकि, ईरान की ओर से इन हमलों को लेकर अभी विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं, अमेरिका की ओर से भी ताजा हमलों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था और समुद्री मार्गों पर भी दिखाई दे रहा है।

होर्मुज स्ट्रेट में भी बढ़ा समुद्री तनाव

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी स्थिति गंभीर होती जा रही है। ईरान की ओर से 11 और जहाजों को ब्लैकलिस्ट किए जाने की खबरों के बाद समुद्री परिवहन को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। इस मार्ग पर किसी भी तरह की रुकावट का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है।

अमेरिकी हमलों में 18 लोगों की मौत का दावा

इससे पहले अमेरिका ने करीब एक महीने के अंतराल के बाद ईरान पर बड़े हमले किए थे। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन करमानपुर के मुताबिक, इन हमलों में 18 लोगों की मौत हुई है। मृतकों में दो महिलाएं और एक बच्चा भी शामिल है।

ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अमेरिकी हमलों में 142 लोग घायल हुए हैं। इनमें 61 महिलाएं और 18 वर्ष से कम उम्र के 44 लोग शामिल हैं।

शादी समारोह पर हमले को लेकर गुटेरेस ने जताया दुख

ईरान में एक शादी समारोह को निशाना बनाए जाने की घटना पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मारे गए और घायल हुए लोगों के प्रति संवेदना जताते हुए नागरिकों को निशाना बनाए जाने की निंदा की।

गुटेरेस ने अमेरिका और ईरान के बीच फिर से युद्ध जैसी स्थिति बनने पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने क्षेत्र में तनाव कम करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

होर्मुज स्ट्रेट बंद करने के प्रयास पर ऑस्ट्रेलिया नाराज

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ऑस्ट्रेलिया ने होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग को सीमित किए जाने के प्रयासों पर आपत्ति जताई है।

ऑस्ट्रेलिया के डिप्टी प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्लेस ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट खुला रहना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ईरान की ओर से समुद्री यातायात को सीमित करने के प्रयास समुद्री कानून और नौवहन की स्वतंत्रता के सिद्धांतों के खिलाफ हैं।

उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट पर शिपिंग को सीमित करने की कोशिश स्वीकार्य नहीं है।

खाड़ी क्षेत्र पर बढ़ता दबाव

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव अब केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं रह गया है। कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले, होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ता समुद्री तनाव और क्षेत्रीय देशों की प्रतिक्रियाएं खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा संकट की ओर इशारा कर रही हैं।

आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी। खासतौर पर होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री यातायात की स्थिति वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगी।

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