सरकार के रवैये से नाराज कर्मचारी 11 सिंतम्बर को इन्द्रावती भवन में करेंगे सांकेतिक प्रदर्शन

श्री पी.आर. साहू प्रांताध्यक्ष, छ.ग. शास. लघुवेतन कर्मचारी संघ ने प्रदर्शन को सफल बनाने की अपील

श्री पी.आर. साहू प्रांताध्यक्ष, छ.ग. शास. लघुवेतन कर्मचारी संघ ने बताया कि प्रदेश के सर्वांगीण विकास प्रदेश के शासकीय विभागों में कार्यरत् नियमित, अनियमित कर्मचारी/अधिकारियों के अथक प्रयास से ही संभव है, परन्तु जहाँ इनके समस्याओं के समाधान की पारी आती है शासन-प्रशासन उदासीन हो जाता है। केन्द्र के सामान महंगाई भत्ता जनवरी 2026 से एवं 86 माह का एरिअर लंबित है। अनियमित कर्मचारियों का नियमितीकरण/आउट सोर्सिंग बंद करने जैसे विषयों पर सरकार वादे के अनुरूप संवेदनशील नहीं है। न्यूनतम वेतन में विगत 09 साल से, संविदा वेतन में विगत 03 साल से कोई वृद्धि नहीं की गई है। इसमें लाखों अनियमित कर्मचारियों का आर्थिक हित प्रभावित हो रही है।

अपनी मांगों पर त्वरित समाधान हेतु माननीय मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, छ.ग. शासन से मिलकर ज्ञापन सौंपकर अनुरोध करते आ रहे हैं लेकिन शासन-प्रशासन कर्मचारियों के मांग पर गंभीर नहीं है।

छ.ग. के लिए मोदी की गारंटी 2023 वचनबद्ध सुशासन अंतर्गत पृष्ट 26 से 30 में बिन्दुवार समस्त वर्ग के कर्मचारी/अधिकारियों एवं पेंषनरों के सम्बंध में स्पष्ट वादा किया गया है परन्तु सरकार इस वादा की अनदेखी की आर्थिक शोषण कर रही है।

आर्थिक शोषण के खिलाफ क्रमिक आंदोलन के क्रमें में 05 सूत्रीय मांगों को लेकर विभागाध्यक्ष इंद्रावती भवन में पदस्थ संगठन प्रमुख करन सिंह अटेरिया, अध्यक्ष छ.ग. प्रदेश अधिकारी- कर्मचारी संघ श्री जितेन्द्र सिंह ठाकुर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, छ.ग. कोषालयीन कर्मचारी संघ एवं पी. आर. साहू प्रांताध्यक्ष छ.ग. शास. लघु. वे. कर्म. संघ रायपुर के नेतृत्व में ‘‘एक मांग एक मंच अभियान’’ के बैनर तले नियमित, अनियमित एवं सेवानिवृत्त कर्मचारी/अधिकारी 11 सितम्बर 2026 शुक्रवार को भोजनावकाष में इन्द्रावती भवन के सामने सांकेतिक प्रदर्षन कर नोडल अधिकारी इन्द्रावती भवन को मुख्य सचिव छ.ग. शासन के नाम से ज्ञापन सौंपेगा।

इस सांकेतिक प्रदर्शन में इन्द्रावती भवन नवा रायपुर स्थित कार्यालयों में कार्यरत् कर्मचारियों के साथ – साथ 50 से अधिक कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि सम्मिलित होंगे।

प्रमुख मांग:-
01. जनवरी 2026 की स्थिति से कर्मचारियों और पेंशनरों को मंहगाई भत्ता जारी करने के साथ 86 महीनों का एरियर्स दिया जाए।
02. अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण, निकाले गए कर्मचारियों की बहाली, न्यून मानदेय कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन, अंशकालीन कर्मचारियों को पूर्णकालीन, आउट सोर्सिंग/ ठेका के माध्यम से नियोजन सिस्टम बंद किया जावे।
03. नगरीय निकाय कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू किया जावे।
04. स्वास्थ्य विभाग में ठेका पद्धति (लेब एवं फाॅर्मेसी) की प्रथा समाप्त किया जावे।
05. नियमित/अनियमित कर्मचारियों एवं पेंषनरों के लिए म.प्र. की तर्ज पर 20 लाख रू. तक केशलेस उपचार की सुविधा लागू किया जावे।

 

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