ईरान के खिलाफ युद्ध जल्द खत्म होगा! ट्रंप का बड़ा दावा, बोले- अमेरिकी सेना के पास हथियारों की कमी नहीं

 ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने युद्ध को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने भरोसा जताया कि ईरान के खिलाफ युद्ध जल्द खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि ईरान लंबे समय तक अमेरिका के सामने टिक पाएगा।

‘जल्द खत्म होगा ईरान के खिलाफ युद्ध’

व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि ईरान के खिलाफ चल रहा युद्ध जल्द समाप्त होगा। उन्होंने संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और सीजफायर को दोबारा लागू करने की कोशिशें जारी हैं।

हालांकि, ट्रंप पहले भी कई मौकों पर यह स्पष्ट कर चुके हैं कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई कर सकता है।

हथियारों की कमी की खबरों को ट्रंप ने किया खारिज

ट्रंप ने उन खबरों पर भी प्रतिक्रिया दी, जिनमें दावा किया गया था कि अमेरिकी सेना के पास ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए पर्याप्त हथियार और गोला-बारूद नहीं है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका हथियारों और गोला-बारूद का उत्पादन लगातार बढ़ा रहा है। पैट्रियट मिसाइल सिस्टम, टॉमहॉक मिसाइल, साइडवाइंडर और अन्य सैन्य उपकरणों की मांग बढ़ी है, लेकिन अमेरिकी सेना के पास सैन्य कार्रवाई के लिए जरूरी हथियारों की कमी नहीं होगी।

ट्रंप ने यह भी कहा कि हथियारों के उत्पादन की लागत का भुगतान अमेरिकी कांग्रेस को करना होगा।

होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी बढ़ी हलचल

इस बीच होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने को लेकर भी गतिविधियां तेज हैं। ट्रंप ने कुछ दिन पहले उम्मीद जताई थी कि इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को खोलने के लिए जल्द ही समझौता हो सकता है।

ईरान और ओमान के बीच होर्मुज स्ट्रेट से होकर वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही के लिए एक स्वीकार्य व्यवस्था बनाने को लेकर बातचीत चल रही है। यदि दोनों पक्षों के बीच सहमति बनती है, तो इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से कमर्शियल शिपिंग को बढ़ावा मिल सकता है

अमेरिका-ईरान तनाव पर दुनिया की नजर

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का सीधा असर पूरे मिडिल ईस्ट और वैश्विक व्यापार पर पड़ता है। खासतौर पर होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के प्रमुख ऊर्जा मार्गों में से एक है। ऐसे में युद्ध खत्म करने और इस जलमार्ग को सामान्य रूप से खोलने की किसी भी पहल पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है।

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