ट्रंप की ईरान को दो टूक चेतावनी, बोले- ‘डील का यह आखिरी मौका’

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर तेवर कड़े कर दिए हैं। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास समझौता करने का “आखिरी मौका” है। उनका बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच हालिया सैन्य तनाव के बाद स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है।
‘ईरान के पास आखिरी मौका’
व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में मीडिया से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है और इसके लिए पहल ईरान की ओर से की गई थी। उन्होंने कहा, “ईरान के पास एक अच्छा समझौता (डील) साइन करने का यह आखिरी मौका है।” हालांकि ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि बातचीत किस स्तर पर चल रही है और आगे की रणनीति क्या होगी।
बातचीत पर बनी अनिश्चितता
बीते कुछ महीनों से दोनों देशों के बीच विभिन्न मध्यस्थों के जरिए संपर्क बना हुआ है, लेकिन हालिया हमलों के बाद बातचीत की प्रक्रिया प्रभावित हुई है। जहां ट्रंप लगातार वार्ता जारी रहने का दावा कर रहे हैं, वहीं ईरान की ओर से फिलहाल किसी औपचारिक बातचीत की संभावना से इनकार किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए दोनों देशों के बीच संवाद बेहद जरूरी है। अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थ भी संघर्ष विराम और नए शांति समझौते की दिशा में प्रयास कर रहे हैं।
बात नहीं बनी तो बढ़ सकता है संकट
विश्लेषकों के अनुसार यदि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता नहीं हो पाया तो मध्य-पूर्व में तनाव और गहरा सकता है। अमेरिका, इज़रायल के साथ मिलकर ईरान के रणनीतिक और ऊर्जा ठिकानों पर कार्रवाई कर सकता है, जबकि जवाबी कार्रवाई में ईरान अमेरिकी सहयोगी देशों और इज़रायल को निशाना बना सकता है।
इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में समुद्री व्यापार प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है। ऐसा होने पर वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति पर असर पड़ सकता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने और महंगाई बढ़ने की संभावना है।
फिलहाल क्या है स्थिति?
फिलहाल दोनों देशों के बीच तनाव बरकरार है। कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, लेकिन अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या बातचीत से समाधान निकलता है या फिर क्षेत्र एक बार फिर बड़े सैन्य टकराव की ओर बढ़ता है।



