सोनम वांगचुक की पत्नी ने मेडिकल रिपोर्ट पर उठाए सवाल, दूसरे अस्पताल में जांच कराने की मांग

Sonam Wangchuk News: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर जारी विवाद के बीच उनकी पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट और इलाज की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए वांगचुक को तत्काल डिस्चार्ज कर अपनी पसंद के अस्पताल में भर्ती कराने की मांग की है।

पोटैशियम लेवल को लेकर उठाए सवाल

सफदरजंग अस्पताल द्वारा जारी हेल्थ बुलेटिन में कहा गया कि लंबी भूख हड़ताल के कारण सोनम वांगचुक का पोटैशियम स्तर घटकर 2.9 हो गया है।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए गीतांजलि जे. आंग्मो ने सोशल मीडिया पोस्ट में सवाल उठाया कि 17 जुलाई की शाम 4:16 बजे वांगचुक का पोटैशियम स्तर 4.3 था, जो सामान्य माना जाता है। उन्होंने पूछा कि बिना किसी स्पष्ट चिकित्सीय कारण के महज 24 घंटे के भीतर यह स्तर 2.9 तक कैसे गिर गया।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब परिवार ने जांच रिपोर्ट की प्रति मांगी तो डॉक्टरों ने केवल दूर से रिपोर्ट दिखाई, लेकिन उसकी कॉपी देने से इनकार कर दिया।

अस्पताल पर पारदर्शिता की कमी का आरोप

गीतांजलि आंग्मो का कहना है कि परिवार को स्वतंत्र लैब से दूसरी मेडिकल राय (Second Opinion) लेने की अनुमति नहीं दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी मौजूदगी में किसी बाहरी मेडिकल सुविधा से ब्लड सैंपल की जांच कराने की भी इजाजत नहीं दी गई।

उनके अनुसार, अस्पताल प्रशासन को लिखित रूप से अनुरोध किया गया है कि उनकी और पिछले 20 दिनों से वांगचुक की निगरानी कर रहे निजी डॉक्टरों की सहमति के बिना उन्हें कोई फ्लूइड, ORS या दवा न दी जाए।

परिवार ने लगाया पुलिस प्रतिबंध का आरोप

वांगचुक के समर्थकों ने आरोप लगाया है कि सफदरजंग अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के बाहर दिल्ली पुलिस की भारी तैनाती है और परिवार के सदस्यों को उनसे खुलकर मिलने या बातचीत करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। समर्थकों का दावा है कि अस्पताल का माहौल मेडिकल वार्ड की बजाय जेल जैसा महसूस हो रहा है।

दूसरे अस्पताल में ले जाने की मांग

गीतांजलि आंग्मो ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में उनका सफदरजंग अस्पताल पर भरोसा नहीं रह गया है। उन्होंने मांग की है कि सोनम वांगचुक को जल्द डिस्चार्ज किया जाए ताकि उन्हें उनकी पसंद के किसी अन्य अस्पताल या मेडिकल सेंटर में भर्ती कराया जा सके, जहां इलाज और जांच प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो।

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