बिगड़ती सेहत पर विपक्ष चिंतित, अखिलेश, केजरीवाल और महुआ मोइत्रा ने की अनशन खत्म करने की अपील
जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल के दौरान 8.5 किलो वजन घटने का दावा, विपक्ष बोला- आपकी लड़ाई जरूरी है, लेकिन जीवन उससे भी ज्यादा अनमोल


नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे शिक्षाविद और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की लगातार बिगड़ती सेहत को लेकर विपक्षी नेताओं ने चिंता जताई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा समेत कई नेताओं ने वांगचुक से अपना अनशन समाप्त करने की अपील की है।
प्रदर्शन के आयोजकों के अनुसार, 28 जून से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक का अब तक करीब 8.5 किलोग्राम वजन कम हो चुका है। उनका यह आंदोलन NEET समेत विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर जारी है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट करते हुए सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील की। उन्होंने लिखा कि वांगचुक का जीवन मानवता, पर्यावरण और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस सरकार को वह अपने अनशन के जरिए जगाने की कोशिश कर रहे हैं, वह संवेदनहीन बनी हुई है। ऐसे में किसी भी प्रकार का बलिदान समाधान नहीं हो सकता।
अरविंद केजरीवाल और महुआ मोइत्रा सहित कई विपक्षी नेताओं ने भी सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर चिंता व्यक्त की। नेताओं का कहना है कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार होना चाहिए, लेकिन उनकी जान किसी भी आंदोलन से अधिक महत्वपूर्ण है।
आयोजकों का दावा है कि लंबे समय से जारी भूख हड़ताल के कारण सोनम वांगचुक की शारीरिक स्थिति लगातार कमजोर हो रही है। चिकित्सकों की निगरानी में उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है।
विपक्षी नेताओं ने सरकार से भी अपील की है कि आंदोलनकारियों की मांगों पर संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जाए, ताकि स्थिति और गंभीर न हो।