Donald Trump के बयान से बढ़ा अमेरिका-ईरान तनाव, ईरान ने कहा- ‘लोगों को मारा जा सकता है, विचारों को नहीं’

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump के एक बयान के बाद अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। ट्रंप ने दावा किया कि यदि अमेरिका चाहता, तो अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में मौजूद ईरान के शीर्ष नेतृत्व को एक ही हमले में निशाना बनाया जा सकता था। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा नहीं किया गया, क्योंकि “फिर बातचीत करने के लिए कोई नहीं बचेगा।”
ट्रंप के इस बयान पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अमेरिका पर इतिहास, सभ्यता और सम्मान की कमी का आरोप लगाया।
ईरान ने X पर दिया जवाब
आर्मेनिया में स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “लोगों को मारा जा सकता है, लेकिन विचारों और आदर्शों को कभी समाप्त नहीं किया जा सकता।”
दूतावास ने अपने संदेश में आगे लिखा कि “आपने अयातुल्ला खामेनेई को मार डाला, लेकिन वास्तव में आपने इत्र की एक ऐसी शीशी तोड़ी, जिसकी खुशबू हर जगह फैल गई।” इस टिप्पणी के माध्यम से ईरान ने अपने सर्वोच्च नेता के विचारों और प्रभाव को समाप्त न किए जा सकने की बात कही।
अमेरिका पर लगाए गंभीर आरोप
ईरानी दूतावास ने अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि उसने हाल ही में अपनी स्वतंत्रता के 250 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया, लेकिन वह किसी राष्ट्र की वास्तविक जनभावना को नहीं समझ सकता। दूतावास के अनुसार, अमेरिका के पास “न सभ्यता है, न इतिहास और न ही सम्मान।”
बयान से बढ़ सकता है कूटनीतिक तनाव
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप के इस बयान और ईरान की तीखी प्रतिक्रिया के बाद दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव और बढ़ सकता है। फिलहाल इस मुद्दे पर अमेरिकी प्रशासन की ओर से कोई अतिरिक्त आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है



