पीएम मोदी ने सभी केंद्रीय सचिवों के साथ की उच्चस्तरीय बैठक, ‘विकसित भारत’ और Ease of Doing Business पर दिया जोर

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी केंद्रीय मंत्रालयों के सचिवों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के कामकाज का जायजा लिया। बैठक में प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की याद दिलाते हुए तेजी से निर्णय लेने, पारदर्शी प्रशासन और मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया।
यह बैठक प्रधानमंत्री मोदी की सेशेल्स की आधिकारिक यात्रा से लौटने के बाद आयोजित की गई। पिछले दो महीने से भी कम समय में शीर्ष नौकरशाही के साथ यह उनकी दूसरी महत्वपूर्ण संस्थागत बैठक रही।
रेगुलेटरी रोडमैप की हुई समीक्षा
बैठक का मुख्य एजेंडा विभिन्न मंत्रालयों द्वारा तैयार किए गए रेगुलेटरी रोडमैप की समीक्षा करना था। इन रोडमैप का उद्देश्य नियमों को अधिक सरल और प्रभावी बनाकर Ease of Doing Business को बढ़ावा देना और ‘विकसित भारत’ के विजन को गति देना है।
प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन और समयबद्ध निर्णय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
‘आत्मनिर्भर भारत’ पर भी हुई चर्चा
बैठक में ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को और मजबूत बनाने के उपायों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। सरकार का फोकस घरेलू विनिर्माण, निवेश, नवाचार और प्रशासनिक सुधारों के जरिए देश को आत्मनिर्भर बनाने पर है।
सचिवों ने पीएम को सौंपी प्रगति रिपोर्ट
बैठक के दौरान सभी मंत्रालयों और विभागों के सचिवों ने अपने-अपने विभागों के कार्यों और प्रगति की रिपोर्ट प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की। प्रधानमंत्री ने विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए विभागों के बीच बेहतर तालमेल, जवाबदेही और परिणामोन्मुख कार्यशैली अपनाने पर जोर दिया।
सरकार का मानना है कि प्रशासनिक सुधार, नियामकीय प्रक्रियाओं में सरलता और मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय से ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को तय समय में हासिल करने में मदद मिलेगी।



