हनुमान जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ: भक्तों की मनोकामना पूर्ण करने का पर्व


1 अप्रैल | आज हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर देशभर में भक्तों द्वारा पूरे विधि-विधान से हनुमान जी की उपासना की जा रही है। इस खास दिन को लेकर विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं, जिसमें विशेष रूप से सुंदरकांड पाठ का महत्व है। मान्यता है कि इस दिन सुंदरकांड का पाठ करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख, समृद्धि और शांति का वास होता है।
सुंदरकांड, जो रामायण के भी एक महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में प्रसिद्ध है, भगवान हनुमान के अद्भुत कार्यों और उनकी भक्ति की कथा को दर्शाता है। खासकर हनुमान जन्मोत्सव के दिन, भक्त सुंदरकांड का पाठ करके हनुमान जी के आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए पूजा अर्चना करते हैं।
यह पर्व विशेष रूप से हनुमान जी की शक्ति, भक्ति और समर्पण की उपासना का प्रतीक है, और पूरे भारत में इस दिन बड़े धूमधाम से हनुमान मंदिरों में धार्मिक आयोजन होते हैं। भक्तों का मानना है कि सुंदरकांड का पाठ करने से जीवन में आ रही परेशानियों से मुक्ति मिलती है और सभी संकटों का नाश होता है।
देशभर के हनुमान मंदिरों में विशेष पूजा, भजन और कीर्तन आयोजित किए जा रहे हैं, जहां भक्त अपने सामर्थ्य अनुसार हनुमान जी के रुद्राक्ष, पुष्प, चंदन और अन्य चढ़ावे अर्पित करते हैं। इस अवसर पर कई श्रद्धालु विशेष रूप से हनुमान चालीसा का भी पाठ करते हैं, ताकि हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त हो सके।



