जम्मू-कश्मीर में बारिश का कहर: 24 की मौत, 6 लापता; अमरनाथ-वैष्णो देवी यात्रा स्थगित, 48 घंटे भारी बारिश का अलर्ट

जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। भूस्खलन, अचानक आई बाढ़ और पहाड़ों से मलबा गिरने की घटनाओं में पिछले दो दिनों में 24 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 6 लोग अब भी लापता हैं। सबसे अधिक प्रभावित पुंछ और राजौरी जिले हैं। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे तक भारी बारिश, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का अलर्ट जारी किया है। खराब मौसम को देखते हुए श्री अमरनाथ यात्रा, माता वैष्णो देवी यात्रा समेत कई धार्मिक यात्राएं अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं।
पुंछ में एक ही परिवार के 7 लोगों की मौत
सोमवार को पुंछ जिले के सुरनकोट के लोरन गांव में भारी बारिश के बीच पहाड़ी से मलबा एक कच्चे मकान पर आ गिरा। हादसे में एक ही परिवार के सात लोगों की मौत हो गई। राहत एवं बचाव दल ने कई घंटे की मशक्कत के बाद मलबे से शवों को बाहर निकाला।
वहीं, डोडा जिले में जम्मू जा रही एक यात्री बस पर पहाड़ से चट्टान गिरने से दो यात्रियों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए। इसके अलावा काश्तीगढ़ क्षेत्र में मकान ढहने से एक महिला की जान चली गई।
अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्रा पर रोक
लगातार बारिश और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने श्री अमरनाथ यात्रा, माता वैष्णो देवी यात्रा, रियासी की शिवखोड़ी यात्रा और किश्तवाड़ की सरथल यात्रा को फिलहाल स्थगित कर दिया है।
हालांकि, मौसम में आंशिक सुधार के बाद बालटाल मार्ग से सीमित संख्या में श्रद्धालुओं को आगे बढ़ने की अनुमति दी गई। इस बीच कटड़ा में लगभग 15 हजार श्रद्धालु यात्रा दोबारा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
नदियां उफान पर, कई गांवों का संपर्क टूटा
लगातार बारिश के कारण तवी, चिनाब समेत कई नदियां और बरसाती नाले उफान पर हैं। कई इलाकों में सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं और अनेक गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है।
वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भी कई स्थानों पर पत्थर और मलबा गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। राहत की बात यह रही कि यात्रा पहले से स्थगित होने के कारण कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। श्राइन बोर्ड और आपदा प्रबंधन की टीमें मार्ग को सुरक्षित बनाने में जुटी हैं।
23 जुलाई तक भारी बारिश और भूस्खलन का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 23 जुलाई तक जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश, भूस्खलन और अचानक बाढ़ (Flash Flood) की आशंका जताई है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम विभाग व स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें। हालात को देखते हुए कई जिलों में सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं।
मृतकों के परिजनों को 6-6 लाख रुपये की सहायता
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पुंछ और राजौरी में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 6-6 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
राहत एवं बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार अभियान चला रहे हैं, जबकि लापता लोगों की तलाश जारी है। प्रशासन का कहना है कि मौसम में फिलहाल सुधार के संकेत नहीं हैं, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।



