महतारी वंदन योजना की 29वीं किस्त जारी, खाते में नहीं आई राशि तो जानिए क्या करें और क्यों अटक सकता है भुगतान

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने महतारी वंदन योजना की 29वीं किस्त जारी कर दी है। योजना के तहत पात्र महिलाओं के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से राशि भेजी जा रही है। हालांकि, किस्त जारी होने के बाद भी प्रदेश की कई महिलाओं के खातों में अब तक राशि नहीं पहुंचने की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे में लाभार्थी बैंक और संबंधित विभाग के कार्यालयों में भुगतान की स्थिति जानने के लिए संपर्क कर रहे हैं।
कई जिलों से मिली भुगतान नहीं मिलने की शिकायत
29वीं किस्त जारी होने के बाद विभिन्न जिलों से ऐसी शिकायतें सामने आई हैं कि कई पात्र महिलाओं के बैंक खातों में अब तक राशि जमा नहीं हुई है। लाभार्थियों का कहना है कि वे पहले नियमित रूप से योजना का लाभ प्राप्त करती रही हैं, लेकिन इस बार भुगतान नहीं मिला।
इन कारणों से अटक सकती है किस्त
यदि आपके खाते में महतारी वंदन योजना की राशि नहीं पहुंची है, तो इसके पीछे कई तकनीकी या दस्तावेज संबंधी कारण हो सकते हैं। इनमें प्रमुख कारण हैं—
- आधार का बैंक खाते से लिंक नहीं होना।
- बैंक खाते में DBT सुविधा सक्रिय नहीं होना।
- बैंक खाता निष्क्रिय (Inactive) होना।
- आवेदन में बैंक खाता या आधार संबंधी जानकारी में त्रुटि।
- ई-केवाईसी या दस्तावेज सत्यापन लंबित होना।
- बैंक खाते में दर्ज नाम और आवेदन में दी गई जानकारी का मेल नहीं होना।
इनमें से किसी भी कारण से भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
खाते में राशि नहीं आई तो क्या करें?
यदि आपके खाते में 29वीं किस्त की राशि नहीं पहुंची है, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। सबसे पहले अपने बैंक खाते का बैलेंस या पासबुक एंट्री जांच लें। इसके बाद संबंधित बैंक शाखा में जाकर आधार लिंकिंग और DBT की स्थिति की पुष्टि करें।
यदि बैंक की ओर से सभी जानकारियां सही बताई जाती हैं, तो अपने क्षेत्र के महिला एवं बाल विकास विभाग, आंगनबाड़ी केंद्र या संबंधित कार्यालय में संपर्क कर आवेदन और भुगतान की स्थिति की जानकारी प्राप्त करें।
दस्तावेज अपडेट रखने की अपील
महिला एवं बाल विकास विभाग समय-समय पर लाभार्थियों से बैंक खाता, आधार और अन्य आवश्यक दस्तावेज अपडेट रखने की अपील करता है, ताकि भुगतान में किसी प्रकार की तकनीकी बाधा न आए। यदि किसी तकनीकी कारण से भुगतान रुका है, तो आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद राशि संबंधित लाभार्थी के खाते में भेजी जा सकती है।



