हाईकोर्ट में सरकार का हलफनामा, दूसरी लॉटरी में 1174 बच्चों का चयन; अगली सुनवाई 20 जुलाई को

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में विस्तृत हलफनामा प्रस्तुत किया। सरकार ने बताया कि RTE की दूसरी लॉटरी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जिसमें 1,174 बच्चों का चयन किया गया है। वहीं, रिक्त सीटों को भरने के लिए शिक्षा विभाग जिला स्तर पर विशेष अभियान चला रहा है और पात्र अभिभावकों से सीधे संपर्क किया जा रहा है।
मुख्य न्यायाधीश Ramesh Sinha और न्यायमूर्ति Ravindra Kumar Agrawal की खंडपीठ ने राज्य सरकार का पक्ष सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई 2026 निर्धारित की है।
दूसरी लॉटरी में 12,934 आवेदन, 1,174 बच्चों का चयन
स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव ने व्यक्तिगत शपथ पत्र में बताया कि 6 जुलाई 2026 को प्रदेश के सभी 33 जिलों में RTE के तहत रिक्त सीटों के लिए दूसरी लॉटरी आयोजित की गई।
दूसरी लॉटरी के प्रमुख आंकड़े:
- उपलब्ध सीटें: 9,984
- प्राप्त आवेदन: 12,934
- चयनित बच्चे: 1,174
सरकार के अनुसार चयनित विद्यार्थियों का प्रवेश 8 जुलाई से 17 जुलाई 2026 तक कराया जा रहा है।
रिक्त सीटों के लिए विशेष अभियान
सरकार ने हलफनामे में बताया कि अभी भी कई सीटें खाली हैं। इन्हें भरने के लिए शिक्षा विभाग जिला स्तर पर अभियान चला रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पात्र अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें आवेदन और प्रवेश प्रक्रिया में हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि कोई भी पात्र बच्चा RTE के लाभ से वंचित न रहे।
RTE प्रतिपूर्ति के लिए 339.73 करोड़ रुपये स्वीकृत
राज्य सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि निजी गैर-अनुदान प्राप्त स्कूलों को RTE के तहत प्रवेश देने के बदले मिलने वाली प्रतिपूर्ति (Reimbursement) के लिए 339 करोड़ 73 लाख 36 हजार रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं। यह राशि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए मंजूर की गई है तथा लोक शिक्षण संचालनालय के खाते में स्थानांतरित कर दी गई है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि निजी स्कूल संचालकों द्वारा प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाने की मांग को 10 जून 2026 के आदेश के माध्यम से अस्वीकार कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि वर्तमान प्रतिपूर्ति राशि पर्याप्त है और इसमें बढ़ोतरी की आवश्यकता नहीं है।
RTE सीटें कम होने का कारण बताया
हलफनामे में राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि 16 दिसंबर 2025 को लिए गए नीति निर्णय के अनुसार अब RTE अधिनियम की धारा 12(1)(सी) का लाभ केवल कक्षा पहली (Class 1) में प्रवेश लेने वाले बच्चों को ही मिलेगा। इसी बदलाव के कारण इस वर्ष RTE के तहत उपलब्ध सीटों की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में कम हुई है।
कोर्ट के आदेशों के पालन का भरोसा
स्कूल शिक्षा विभाग ने हाईकोर्ट को आश्वस्त किया कि प्रवेश प्रक्रिया, प्रतिपूर्ति और रिक्त सीटों को भरने सहित सभी मामलों में न्यायालय के निर्देशों का पूर्ण पालन किया जा रहा है। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि RTE के तहत पात्र सभी बच्चों को समय पर निजी स्कूलों में प्रवेश मिल सके।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई 2026 को होगी। तब तक रिक्त सीटों पर कितने बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित हो पाता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।



