कोरिया छात्रा आत्महत्या मामला: राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग का एक्शन, DGP समेत 4 अधिकारियों को नोटिस, 3 दिन में मांगा जवाब

बैकुंठपुर/रायपुर। कोरिया जिले के बैकुंठपुर स्थित आईसी मार्ट (सुपर बाजार) में कथित प्रताड़ना के बाद 17 वर्षीय आदिवासी छात्रा पूजा पैकरा द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। अब इस प्रकरण में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) ने स्वत: संज्ञान लेते हुए राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। आयोग ने पुलिस महानिदेशक (DGP), जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव, कोरिया कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से तीन दिनों के भीतर विस्तृत जवाब मांगा है।
इससे पहले राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग भी मामले का संज्ञान ले चुका है। आयोग की प्रतिनिधि ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और परिजनों को सांत्वना दी।
फरार तीन आरोपियों पर 5-5 हजार रुपये का इनाम
पुलिस ने मामले में फरार आईसी मार्ट के संचालक समेत तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रत्येक पर 5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। आरोपियों की तलाश जारी है।
सर्व आदिवासी समाज ने की सख्त कार्रवाई की मांग
घटना के विरोध में सर्व आदिवासी समाज ने कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। संगठन ने आईसी मार्ट के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और दुकान की जांच कराने की भी मांग की है। कुछ प्रदर्शनकारियों ने अवैध निर्माण पाए जाने पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग भी उठाई।
ज्ञापन सौंपने के दौरान समाज के विभिन्न पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष और पूर्व विधायक ने उठाए सवाल
विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष नंद कुमार साय ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
वहीं पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने आरोप लगाया कि छात्रा के साथ चोरी का आरोप लगाकर कथित रूप से दुर्व्यवहार किया गया, जिससे आहत होकर उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, पुलिस आरक्षक शिवनाथ सिंह की 17 वर्षीय बेटी पूजा पैकरा 7 जुलाई को अपनी बहन के साथ बैकुंठपुर स्थित आईसी मार्ट में खरीदारी करने गई थी।
परिजनों का आरोप है कि दुकान संचालकों ने दोनों बहनों पर चोरी का आरोप लगाते हुए उन्हें रोक लिया, उनकी स्कूटी अपने कब्जे में ले ली और कथित तौर पर एक लिखित बयान पर हस्ताक्षर करवाए, जिसमें चोरी स्वीकार करने जैसी बातें लिखवाई गईं।
परिजनों का यह भी आरोप है कि पहले 20 हजार रुपये और बाद में स्कूटी लौटाने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की गई। अगले दिन, 8 जुलाई को पूजा पैकरा ने पुलिस लाइन स्थित सरकारी क्वार्टर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
जांच जारी
पुलिस ने आत्महत्या और प्रताड़ना से जुड़े आरोपों के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग और राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सक्रियता के बाद मामले की जांच और कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।



