छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले: नवा रायपुर में वन टाइम सेटलमेंट योजना को मंजूरी, उद्योगों और निवेशकों को मिलेगी बड़ी राहत

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को हुई छत्तीसगढ़ कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRANVP) द्वारा आवंटित भूखंडों और निर्मित परिसरों के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना को मंजूरी दी। इसके अलावा जीएसटी, औद्योगिक निवेश, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, पर्यावरणीय कानूनों और बिजली भुगतान व्यवस्था से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई।

नवा रायपुर में लागू होगी वन टाइम सेटलमेंट योजना

कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा आवंटित भूखंडों एवं निर्मित परिसरों पर देय ब्याज और अधिभार में राहत देने के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना लागू की जाएगी।

इस योजना के तहत पात्र आवंटितियों को निर्धारित शर्तों के अनुसार बकाया राशि का नियमितीकरण कराने का अवसर मिलेगा। इससे लंबित परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी, निवेश को बढ़ावा मिलेगा और विकास गतिविधियों में तेजी आएगी।

सरकार का मानना है कि जो आवंटी विकास कार्य करना चाहते हैं उन्हें सुविधा मिलेगी, जबकि परियोजना आगे नहीं बढ़ाने वाले आवंटी समय पर भूमि सरेंडर कर सकेंगे। इससे भूमि का बेहतर उपयोग होगा और लंबित कानूनी विवादों में भी कमी आएगी।

राजनांदगांव में बनेगा 2000 सीटों वाला आधुनिक ऑडिटोरियम

कैबिनेट ने राजनांदगांव में 2000 दर्शकों की क्षमता वाले आधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए आवश्यक शासकीय भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। इससे जिले में सांस्कृतिक, शैक्षणिक और सामाजिक आयोजनों को नई सुविधा मिलेगी।

जल प्रदूषण कानून में संशोधन को मंजूरी

कैबिनेट ने जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) संशोधन अधिनियम, 2024 को राज्य में लागू करने के लिए विधानसभा में संकल्प प्रस्तुत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।

संशोधित कानून के तहत छोटे उल्लंघनों को आपराधिक श्रेणी से हटाकर आर्थिक दंड का प्रावधान किया गया है। साथ ही दंड निर्धारण और अपील प्रक्रिया को अधिक सरल एवं पारदर्शी बनाया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे पर्यावरण संरक्षण और उद्योगों के लिए बेहतर कारोबारी माहौल के बीच संतुलन स्थापित होगा।

जीएसटी और निवेश प्रक्रिया होगी आसान

कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य जीएसटी कानून को सरल बनाना तथा निर्यातकों और इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर वाले उद्योगों के लिए रिफंड प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाना है।

इसके साथ ही छत्तीसगढ़ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी देकर राज्य में निवेश प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी तथा उद्योगों के अनुकूल बनाने का निर्णय लिया गया।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मिलेगा बढ़ावा

कैबिनेट ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनियम-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक, 2026 के प्रारूप को भी स्वीकृति दी। इसमें डीम्ड परमिशन, स्व-प्रमाणीकरण, तृतीय-पक्ष सत्यापन, जोखिम-आधारित निरीक्षण और दोहरे लाइसेंसिंग दायित्वों को समाप्त करने जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं। सरकार का मानना है कि इससे निवेशकों को बेहतर कारोबारी माहौल मिलेगा।

बिजली भुगतान के लिए लागू होगी डायरेक्ट डेबिट मैंडेट व्यवस्था

कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) द्वारा केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के विद्युत उपक्रमों से खरीदी जाने वाली बिजली के भुगतान के लिए नई व्यवस्था को भी मंजूरी दी है।

अब वर्तमान त्रिपक्षीय समझौते के स्थान पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप डायरेक्ट डेबिट मैंडेट व्यवस्था लागू की जाएगी। इससे एनटीपीसी सहित अन्य केंद्रीय विद्युत उपक्रमों से बिजली आपूर्ति की निरंतरता सुनिश्चित होगी और भुगतान प्रणाली अधिक सुरक्षित एवं पारदर्शी बनेगी।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस निर्णय से राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा और आवश्यकता पड़ने पर लेटर ऑफ क्रेडिट की व्यवस्था पूर्ववत प्रभावी रहेगी।

Related Articles

Back to top button