रायपुर में पहली ही बारिश बनी आफत, अंडरब्रिज डूबा, कई इलाकों में जलभराव

रायपुर। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। प्रदेश के कई जिलों में पिछले तीन दिनों से लगातार भारी से अति भारी बारिश हो रही है। बस्तर संभाग के बड़े बचेली सहित कई इलाकों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। एक ओर जहां इस बारिश ने किसानों को बड़ी राहत दी है, वहीं दूसरी ओर राजधानी रायपुर समेत कई शहरों में जलभराव और अव्यवस्थित ड्रेनेज सिस्टम ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
किसानों को मिली बड़ी राहत
लगातार हो रही बारिश से प्रदेश के किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। कई क्षेत्रों में धान की बुआई पूरी हो चुकी है, जबकि कई जगहों पर रोपाई का कार्य जारी है। जून महीने में सामान्य से कम बारिश होने के कारण किसानों को फसल खराब होने की चिंता सता रही थी, लेकिन मानसून की तेज बारिश ने उनकी उम्मीदें फिर से जगा दी हैं।
पहली ही बारिश में खुली नगर निगम के दावों की पोल
राजधानी रायपुर में मानसून की पहली तेज बारिश ने नगर निगम की सफाई व्यवस्था और ड्रेनेज सिस्टम की हकीकत सामने ला दी। मुख्य मार्गों से लेकर रिहायशी इलाकों तक जलभराव की स्थिति बन गई। कई स्थानों पर नालियां जाम होने के कारण सड़कें पानी से लबालब हो गईं और कई वाहन जलभराव में फंस गए।
सबसे अधिक परेशानी नर्मदापारा-गुढ़ियारी अंडरब्रिज में देखने को मिली, जहां पानी भरने से लंबे समय तक दोनों ओर का यातायात पूरी तरह ठप रहा।
एक्सप्रेस-वे से लेकर वीआईपी रोड तक जलभराव
बारिश के बाद शहर के कई प्रमुख इलाके पानी में डूब गए। इनमें प्रमुख रूप से—
- एक्सप्रेस-वे
- राजातालाब का नूरानी चौक
- खालसा स्कूल के सामने का मार्ग
- समता कॉलोनी (श्याम खाटू मंदिर रोड)
- भाठागांव सर्विस रोड
- अश्वनी नगर–सुंदरनगर मार्ग
- कृषि मंडी रोड
- देवेंद्रनगर अस्पताल रोड
- प्रोफेसर कॉलोनी
- वीआईपी रोड
इन क्षेत्रों में जलनिकासी व्यवस्था ठप होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि बारिश रुकने के करीब आधे घंटे बाद पानी उतर गया, लेकिन सड़कों पर गंदगी और मलबा फैल गया।
अधूरे नाला निर्माण से बढ़ी परेशानी
प्रोफेसर कॉलोनी, समता कॉलोनी और वीआईपी रोड सहित कई इलाकों में नाला निर्माण कार्य अधूरा होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो सकी। नगर निगम ने मानसून से पहले बड़े नालों की सफाई पूरी होने का दावा किया था, लेकिन पहली ही बारिश में ये दावे धराशायी हो गए।
नेता प्रतिपक्ष ने साधा निगम पर निशाना
नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर की अधिकांश सड़कें तालाब में बदल चुकी हैं और कई घरों में नालियों का गंदा पानी घुस गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि नालों की वास्तविक सफाई के बजाय केवल कागजी खानापूर्ति की गई। साथ ही लापरवाह जोन कमिश्नरों और स्वास्थ्य अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की।
मेयर ने अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी
शहर में बिगड़ते हालात को देखते हुए महापौर मीनल चौबे ने बाढ़ नियंत्रण प्रकोष्ठ और सभी 10 जोनों के अधिकारियों को तत्काल फील्ड में उतरने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि जहां भी जलभराव की सूचना मिले, वहां आपदा प्रबंधन टीम तुरंत पहुंचकर पानी निकासी सुनिश्चित करे। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अमलीडीह में पाइप काटकर निकाला गया पानी
अमलीडीह क्षेत्र में जलभराव की गंभीर स्थिति को देखते हुए जोन-10 की टीम ने लास विस्टा सोसायटी के पास जाम नाली की निकासी के लिए पाइप काटकर जेटिंग मशीन से सफाई की। इसके बाद क्षेत्र से पानी की निकासी संभव हो सकी और लोगों को राहत मिली।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से आगामी 24 से 48 घंटे तक प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और जलभराव वाले क्षेत्रों में सतर्क रहने की अपील की है।



