आयुष्मान भारत योजना: सितंबर से एक क्लिक पर मिलेगी मरीजों की पूरी मेडिकल हिस्ट्री, ABHA ID से जुड़ेगा डिजिटल रिकॉर्ड

रायपुर। आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज कराने वाले मरीजों के लिए बड़ी राहत की खबर है। सितंबर 2026 से मरीजों की पूरी मेडिकल हिस्ट्री डिजिटल रूप में उपलब्ध होगी। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत अब सरकारी और निजी अस्पतालों को मरीजों की जांच रिपोर्ट और इलाज से जुड़े सभी दस्तावेज निर्धारित NIMS पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। यह पोर्टल मरीज की ABHA ID और आयुष्मान भारत योजना से लिंक रहेगा, जिससे देश के किसी भी हिस्से में डॉक्टर एक क्लिक पर मरीज का मेडिकल रिकॉर्ड देख सकेंगे।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) ने आयुष्मान भारत योजना से जुड़े सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को निर्देश दिया है कि वे 31 अगस्त 2026 तक मरीजों के मेडिकल दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करें। अस्पतालों को इस प्रक्रिया के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दस्तावेज अपलोड करने पर इंसेंटिव भी दिया जाएगा। वहीं, आयुष्मान भारत योजना से नए जुड़ने वाले अस्पतालों के लिए इस पोर्टल का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है।

छत्तीसगढ़ में ABHA ID के जरिए हो रहा पंजीयन

छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में मरीजों का पंजीयन पहले से ही ABHA ID के माध्यम से किया जा रहा है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग के अनुसार प्रदेश के कुछ अस्पताल अभी भी इस व्यवस्था को पूरी तरह लागू नहीं कर पाए हैं। ऐसे अस्पतालों को निर्धारित समयसीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

अब नहीं उठानी पड़ेगी मेडिकल फाइलों की जिम्मेदारी

फिलहाल मरीजों और उनके परिजनों को ओपीडी और आईपीडी पर्चियों से लेकर एक्स-रे, ब्लड टेस्ट और अन्य जांच रिपोर्टों की मोटी फाइल साथ लेकर अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। कई बार दस्तावेज गुम हो जाते हैं या पुराने रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने के कारण डॉक्टरों को दोबारा जांच कराने की सलाह देनी पड़ती है।

नई डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद मरीजों की पूरी मेडिकल हिस्ट्री ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी। डॉक्टर मरीज की ABHA ID के जरिए कुछ ही सेकंड में इलाज, जांच रिपोर्ट और दवा संबंधी पूरा रिकॉर्ड देख सकेंगे।

इलाज होगा अधिक सटीक और तेज

डिजिटल मेडिकल रिकॉर्ड की सुविधा से डॉक्टरों को यह जानकारी आसानी से मिल सकेगी कि मरीज का पहले कब इलाज हुआ, कौन-कौन सी दवाएं दी गईं और कौन-कौन सी जांच कराई गई। इससे इलाज अधिक सटीक होगा और अनावश्यक जांच की जरूरत भी कम पड़ेगी।

इसके अलावा कई बार मरीज संकोच या भूलवश अपनी बीमारी या पुराने इलाज की पूरी जानकारी डॉक्टर को नहीं दे पाते, जिससे उपचार प्रभावित होता है। डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होने से ऐसी समस्याओं पर भी काफी हद तक रोक लगेगी।

हेल्थ डायरेक्टर ने क्या कहा?

स्वास्थ्य विभाग के हेल्थ डायरेक्टर संजीव झा ने बताया कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत सरकारी और निजी अस्पतालों को मरीजों की जांच और इलाज से जुड़े सभी दस्तावेज NIMS पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। इससे डॉक्टर एक क्लिक पर मरीज की पूरी मेडिकल हिस्ट्री देख सकेंगे और बेहतर उपचार सुनिश्चित किया जा सकेगा।

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