रायपुर के दो वार्डों को 48 घंटे में घर खाली करने का नोटिस, विधायक कॉलोनी बनाने की तैयारी से बढ़ा विवाद

रायपुर | राजधानी रायपुर के माना क्षेत्र स्थित ग्राम नकटी में बेदखली नोटिस चस्पा किए जाने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। प्रशासन द्वारा दो वार्डों के घरों को खाली करने का नोटिस जारी किए जाने से नाराज ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस जमीन को प्रशासन सरकारी भूमि बताकर खाली कराने की तैयारी कर रहा है, उस पर वे कई वर्षों से रह रहे हैं और यहां कई प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के मकान भी बने हुए हैं।
बताया जा रहा है कि प्रस्तावित विधायक कॉलोनी के लिए तैयार किए गए प्लान में वार्ड क्रमांक 16 और 17 की जमीन भी शामिल है, जिसके चलते प्रशासन ने बेदखली की कार्रवाई शुरू की है।
मोहर्रम की छुट्टी के दिन रात में पहुंचा राजस्व अमला
शुक्रवार को मोहर्रम की छुट्टी होने के बावजूद राजस्व विभाग की टीम पुलिस बल के साथ रात करीब 8 बजे ग्राम नकटी पहुंची। अधिकारियों ने वार्ड क्रमांक 16 और 17 में रहने वाले लोगों के घरों के बाहर बेदखली नोटिस चस्पा करना शुरू किया। नोटिस लगते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने मौके पर विरोध दर्ज कराया।
पिछले साल भी हुई थी बेदखली की कोशिश
ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2025 में भी जिला प्रशासन ने इन मकानों को सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा बताते हुए बेदखली नोटिस जारी किया था। उस समय भी प्रशासन ने कार्रवाई की कोशिश की थी, लेकिन ग्रामीणों के विरोध और जनप्रतिनिधियों के समर्थन के बाद कार्रवाई रोक दी गई थी। अब एक बार फिर प्रशासन ने नोटिस जारी कर बेदखली की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
48 घरों पर मंडरा रहा बेदखली का खतरा
जानकारी के अनुसार, ग्राम नकटी के वार्ड नंबर 16 और 17 में करीब 48 मकान बने हुए हैं। यह क्षेत्र मूल रूप से गांव की निस्तारी भूमि बताया जाता है, जहां समय के साथ ग्रामीण बसते चले गए। बाद में यह हिस्सा गांव की आबादी का हिस्सा बन गया और यहां कई परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भी मकान स्वीकृत हुए।
ग्रामीण बोले- यह अवैध कब्जा नहीं
प्रशासन जहां इस जमीन को सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा बता रहा है, वहीं ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से यहां निवास कर रहे हैं और उनके मकान सरकारी योजनाओं के तहत भी बने हैं। ऐसे में उन्हें अवैध कब्जाधारी बताकर हटाना उचित नहीं है।
फिलहाल नोटिस जारी होने के बाद गांव में असमंजस और नाराजगी का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से बेदखली की कार्रवाई रोकने और मामले का उचित समाधान निकालने की मांग की है।



